बसंती चोला के दीवाने : भगत-सुखदेव-राजगुरु

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शहादत दिवस

(23 मार्च, बलिदान दिवस पर विशेष) ‘एक जीवन और एक ध्येय’ वाले तीन मित्र भगतसिंह, सुखदेव और राजगुरु, इन तीनों की मित्रता क्रांति के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। बसंती चोला के इन दीवानों की ऐसी मित्रता थी जो जीवन के अंतिम क्षण तक साथ थी और बलिदान के बाद भी एक साथ उनका स्मरण किया जाता है।… Read more »

मुक्ति संग्राम में मेरा, अपने इष्ट से मिलन हो गया

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अमर शहीद-भगतसिंह -राजगुरु -सुखदेव की शहादत को चिरस्मरणीय बनाते हुए-काव्यात्मक श्रद्धाँजलि ! मुक्ति संग्राम में मेरा ,अपने इष्ट से मिलन हो गया।। पग शहीदों ने आगे धरा ,वो युग का चलन हो गया। गुलामी के फंद काटने , जब जवानियाँ मचलने लगीं, तब क्रांति यज्ञ वेदी पर , शहादत का हवन हो गया।,,,,,[मुक्ति संग्राम में… Read more »