राजधानी की आवोहवा में जहर!

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देश में लाखों डेयरियों में रोज शाम को धुंए के बादल उठते दिखाई देने लगते हैं। भले ही वातावरण में मच्छर हों या न हों। परंतु अब प्रदूषण की यही स्थिति नियंत्रण से बाहर हुई लगती है। खासतौर पर हमारे देश से संबंधित ऐसे भयानक आंकड़े सामने आने लगे हैं जो हमें यह बताने के लिए काफी हैं कि इन हालात को पैदा करने के जि़म्मेदार भी हम स्वयं हैं।