हाजमोला खाओ, मौज मनाओ

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  घर में अकेला था सो दरवाजे पर दस्तक हुई तो मैंने दफ्तर न जाने का पक्का मूड बनाए सोफे पर पसरे- पसरे ही पूछा, ‘कौन?’ ’ रामबोला!‘ ‘ ताजी- ताजी टीवी पर इबोला की खबर सनसनी फैला रही थी सो सहमता पूछ बैठा,‘ इबोला??’ ‘नहीं साहब! रामबोला!’ ‘कौन रामबोला?’ ‘ रामबोला बोले तो तुलसीदास!’… Read more »