हादसों के उत्सव

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पंडित सुरेश नीरव  कौन चाहता है कि वो कभी-कभी हादसे की चपेट में आए। मगर हादसे भी आदमी के मन की परवाह कब करते हैं। उनका जब मन होता है,जहां मन होता है,जिस पदार्थ,वस्तु या शख्स पर मन होता है उसे अपनी चपेट में लेकर उसे अनुग्रहीत कर देते हैं। वैसे भी हादसों के लिए… Read more »