ताज महल और हालात्-ए-आगरा

Posted On by & filed under कविता, साहित्‍य

डा. राधेश्याम द्विवेदी ‘नवीन बेगम मुमताज की याद में , ताजमहल बनवाया गया। देश विदेश के कारीगरों को , आगरा में बुलवाया गया। मकराने के संगमरमर को ,बाहर बाहर चिनवाया गया। वेशकीमती पत्थरों को , खूबियों से जड़वाया गया ।।1।। धूल गैस जहरीली हवायें , संगमरमर पीला करती हैं। इनसे बचने के खातिर ,गैर उद्योग… Read more »