कुछ लोग अपनी आजीविका के लिए ही हिंदी की चिंदी करते रहते हैं ।

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विगत १० से १२ सितमबर को भोपाल में सम्पन्न ‘विश्व हिंदी सम्मेलन ‘ में हिंदी भाषा विमर्श पर भाषायी प्राथमिकताओं के बरक्स तो कोई चर्चा नहीं हुई।किन्तु सत्तापक्ष के नेताओं और ‘असोसिएट्स’ के वीर रस से ओत -प्रोत हिंदी उदगार जरूर मुखरित हुए। कुछ ने हिंदी भाषा को तकनीकी ज्ञान से जोड़ने और कुछ ने… Read more »