मिशनरी विद्वानों के परकोटे में कैद अंबेडकर का राष्ट्रीय दर्शन

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क्या डॉ. बी.आर. अंबेडकर सिर्फ दलित नेता थे ? और थोड़ा सुने तो भारत के संविधान के निर्माता। सरकारी इश्तहारों और तथाकथित दलित विमर्श की प्रतिध्वनि इस शख्स को एक लौह आवरण में कैद करती जान पड़ती है. इस आवरण के अंदर बोलने और सुनने का अधिकार भी सबको नहीं है. ठीक वैसे ही जैसे… Read more »