अजर, अमर हम अविनाशी

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विजय कुमार यूनानी साहित्य में एक मृत्युंजयी पक्षी ‘फीनिक्स’ की चर्चा आती है। उसके बारे में मान्यता है कि अपनी राख में से वह फिर-फिर जीवित हो जाता है। दुनिया के गत लाखों वर्ष के इतिहास पर दृष्टि डालें, तो ध्यान में आता है कि भारत वर्ष और हिन्दू समाज भी मृत्युंजयी है। फीनिक्स पक्षी… Read more »