हे हिन्दी के जननी………..

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रंजना झा हे हिन्दी के जननी: हे हिन्दी के जननी तुमको शत् शत् प्रणाम । तुम दिव्य हो,शक्ति हो,प्रखर हो । नितान्त मार्ग प्रशस्त करना ही होगा । तुम शुद्ध हो,प्रबल हो ,मृदु हो तुम्हें अविरल आगे आना ही होगा । तुम मातृतव हो, यशस्वी हो ,भारती हो । तुम्हें गनन तक ले जाना ही… Read more »