आर्यभाषा हिन्दी के प्रचार व प्रसार में ऋषि दयानन्द का योगदान

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मनमोहन कुमार आर्य महर्षि दयानन्द (1825-1883) का जन्म गुजरात राज्य के मोरवी जिलान्तर्गत टंकारा नामक कस्बे में 12 फरवरी, सन् 1825 को हुआ था। अतः स्वाभाविक रूप से गुजराती उनकी मातृभाषा थी। ईश्वर व सत्य ज्ञान की खोज में वह देश के अनेक भागों में गये और वहां विद्वानों व योगियों के सम्पर्क से उन्होंने… Read more »