उनके इंतज़ार में…

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-लक्ष्मी जायसवाल- बेजुबां ये अश्क़ अपना हाल खुद ही बताते हैं। आज भी तुम पर ये अपना अधिकार जताते हैं।। याद में तेरी अश्क़ बहाना भी गुनाह अब हो गया। कैसे कहें कि दिल का चैन पता नहीं कहां खो गया।। चैन-सुकून की तलाश में सब कुछ छूट गया है। क्यों मुझसे अब मेरा वजूद… Read more »