संतों की दोगली रिपोर्ट

Posted On by & filed under राजनीति

राकेश कुमार आर्य महाभारत में संन्यासी के विषय में कहा गया है कि-‘‘जो युक्त चित्त होकर मोक्षोपयोगी कर्म श्रवण, मनन, निदिध्यासन आदि के द्वारा समय व्यतीत करता हुआ निराधार और रूठे काठ की भांति स्थिर रहता है उसको मोक्षरूप सनातन धर्म प्राप्त होता है।’’ ‘‘संन्यासी किसी एक स्थान में आसक्ति न रखे, एक ही ग्राम… Read more »