ऐ ‘पाक परस्त’ कश्मीरी नौजवानों…

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पाकिस्तानी नेताओं के लिए मसल-ए-कश्मीर एक ऐसी संजीवनी है जिसे चुनाव के समय पाकिस्तानी अवाम के बीच उछाल कर वहां की राजनैतिक पार्टियां लोगों से हमदर्दी हासिल करना चाहती हैं। बड़े आश्चर्य की बात है कि कश्मीरी नवयुवक पाकिस्तान के साथ-साथ पाक अधिकृत कश्मीर के हालात पर भी आख़िर नज़र क्यों नहीं डालते? जिस पाकिस्तान जि़ंदाबाद के नारे भारत में लगाए जाते हैं जिस पाकिस्तान के झंडे कश्मीर में बुलंद किए जाते हैं वही नारे और वही झंडे पाक अधिकृत कश्मीर में वहां के कश्मीरवासी बुलंद करने से आख़िर क्यों गुरेज़ करते हैं?