कर्बला : हुसैन का भारत से दिल और दर्द का सम्बंध

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कर्बला पर गौर करने के बाद ये साफ हो जाता है कि मोहम्मद साहब ने जो इस्लाम दिया था वह ज़ुल्म और दहशतगर्दों का इस्लाम नहीं बल्कि अमन शांति और सब्र का इस्लाम है।आज के दौर मे फिर आतंकवात ने पंख फैला लिये हैं,इस्लाम की नई परिभाषा गढ़ कर बेगुनाहों का कत्ल किया जा रहा है।महिलाओं की आबरू लूटी जा रही है,लोगों को बेघर किया जा रहा है।

हुसैन की कला और कलाबाजी

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शंकर शरण भारत के लोग दिवंगत व्यक्तियों के प्रति अप्रिय सत्य सामान्यतः नहीं कहते। किन्तु राजनीतिक लोगों और राष्ट्रीय प्रश्नों पर यह सलीका छोड़ना पड़ता है। फिर भी यदि नीचे कही गई बातें किन्हीं को अवसर के उपयुक्त न लगे तो उसे निवेदन है कि मुल्कराज आनंद के निधन पर खुशवंत सिंह का लिखा लेख… Read more »