बहुत याद आओगे काका

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29 दिसंबर सुपर स्टार राजेश खन्ना जन्मतिथि पर विशेष हर्षवर्धन पाण्डे   “ बाबू मोशाय हम सब तो रंगमंच की कठपुतलियां हैं जिसकी डोर ऊपर वाले के हाथ में है | कौन कब कहाँ उठेगा कोई नहीं जानता ”   यह संवाद बानगी भर है | सत्तर के दशक को याद करें | ऋषिकेश मुखर्जी ने पहली बार जिन्दगी और मौत… Read more »