लाल और काली रात

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 गंगानन्‍द झा (सैयद अलावल, सतरहवी शताब्दी के बंगाल का महान कवि, की कविता,जिसकी नाव पुर्तगाली लुटेरो और तूफान का सामना करती हुई अराकान पँहुची थी।) लाल और काली रात ; लाल और काली रात में एक हरी नाव हिलती, डोलती, तूफान में फॅंसी,चकित,डरी हुई अरकान के तट की ओर बढ़ रही थी। लेकिन तूफान आया… Read more »