कविता : बोन्साई

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पेड़ों को गहरी धरती चाहिए होती है ; पेड़ों को प्रशस्त आकाश चाहिए आज के संपन्न, सभ्य आदमी के पास न धरती है, न आकाश पर पेड़ उसे चाहिए। वह पेड़ को बोन्साई बना लेता है गमलों में पेड़ उगाए जाते हैं पेड़ बौना हो जाता है, पर पूर्ण रूप से उपयोगी रहता है; बिना… Read more »