बसपा और मायावतीजी के दिन चुनौती भरे

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डा. राधेश्याम द्विवेदी आज बसपा और कुमारी बहन मायावती उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक चर्चित शक्शियत बन गई हैं। चार प्रमुख पार्टियों में उनका खासा स्थान है। वह प्रदेश की चार बार मुख्य मंत्री भी रह चुकी हैं। इस बार उनका वजूद सामान्य सा नही दिख रहा है। यह बहुत चुनौती भरा भी हो… Read more »

प्रदेश की राजनीति में गाली कांड से किसको लाभ ?

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मृत्युंजय दीक्षित आगामी विधानसभा चुनावो के मददेनजर अब उप्र की राजनीत गर्मा गयी है। विगत कई दिनों से  एक के बाद एक बगावत के झंझावत झेल रही बसपा अचानक से उभरकर सामने आ गयी हैं वह भी भाजपा के  पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह की अभद्र भाषा के प्रयोग के कारण। जब से संसद का… Read more »

वो दिन हवा हुए जब पसीना गुलाब था

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बसपा नेताओं की उपस्थिति में पार्टी कार्यकत्र्ताओं ने दयाशंकरसिंह की पत्नी, बेटी, माता व बहन के लिए अपशब्दों को बोलने की सारी सीमाएं ही लांघ दीं। इसके पश्चात कु. मायावती की किरकिरी आरंभ हो गयी है। वह जिस लाभ को लेने के लिए चली थीं-अब वह उन्हें मिलता हुआ दिखायी नही दे रहा है। दयाशंकर… Read more »

अब डिग्री क्यों नहीं पूछते

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भाषा के विषय में निर्मला जोशी जी के बेहद खूबसूरत शब्द ‘माता की ममता यही , निर्मल गंगा नीर इसका अर्चन कर गए तुलसी सूर कबीर ‘ आज भारत की राजनीति ने उस भाषा को जिस स्तर तक गिरा दिया है वह वाकई निंदनीय है। उत्तर प्रदेश बीजेपी के वाइस प्रेसीडेन्ट दयाशंकर सिंह ने 20… Read more »

पलटती बाजी

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डा. राधेश्याम द्विवेदी गाली- गलौज की शुरुआत बसपा ने की:-भाजपा के दयाशंकर सिंह ने मायावती के लिए जो कहा , निश्चित रूप से आपत्तिजनक है । यह तथ्य किसी से छुपा नहीं है कि चुनाव कोई भी हो मायावती पैसे लेकर ही अपनी पार्टी का टिकट किसी को देती हैं । यह बात इतनी बार… Read more »

आग मांगता फिर रहा-लोकतंत्र

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उत्तर प्रदेश भाजपा के एक उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह की ओर से उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री रहीं कुमारी मायावती को लेकर की गयी एक अभद्र टिप्पणी के पश्चात देश की राजनीति गरमा गयी है। 20 जुलाई को इस अभद्र टिप्पणी को लेकर देश की संसद में भी ‘गरमी’ बनी रही। राज्यसभा में बसपा सुप्रीमो ने… Read more »

अपने ही बुने जाल में फंसी बसपा

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संजय सक्सेना राजनीति की बिसात पर बाजी पलटने में देर नहीं लगती है। कब किस पार्टी के नेता/कार्यकर्ता क्या बोल जाये और विरोधी उसका क्या मतलब निकालते हुए राजनैतिक फायदा उठा लें, यह हमेशा से अबूझ पहेली रहा है। हाल ही में बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमों मायावती ने ‘दयाशंकर प्रकरण’ पर सियासी बिसात बिछाकर बीजेपी… Read more »

बसपाः बहुजन से सर्वजन का दावा लेकिन रह गयी दलितजन!

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इक़बाल हिंदुस्तानी इस बार चुनाव में मुस्लिम वोट बैंक का भरम भी टूट जायेगा। बसपा जब तक दलित वोट बैंक की राजनीति करती रही तब तक वह अपने बल पर सत्ता में नहीं आ सकी लेकिन जैसे ही उसने ‘तिलक तराजू और तलवार इनके मारो जूते चार’ का विषैला नारा छोड़कर बहुजन समाज से सर्वजन… Read more »

कुर्सी के लिए साला कुछ भी करेगा

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जितेन्द्र कुमार नामदेव सत्ता हथियाने के लिए नेता क्या क्या नहीं करते। प्रदेश की सत्ता बसपा के हाथ से खिचतीं नजर आई तो उन्होंने प्रदेश को चार हिस्सों में बांटने की बात कह डाली थी। वहीं विपक्ष के सपा मुखिया ने बलात्कार पर अपने बेतुके बयान से राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है, लेकिन यह… Read more »

बसपा के कारण राष्ट्रीय दल बेचैन

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पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनावों में सबसे अधिक दांव उत्तरप्रदेश पर लगा है और हो भी क्यों न, दिल्ली की गद्दी का रास्ता उत्तरप्रदेश से ही होकर जाता है। जाहिर है कि उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव के परिणाम देश की भावी राजनीति की ओर इशारा करेंगे, पर अन्य राज्यों के चुनाव परिणामों को भी… Read more »