यूपीः बुंदेलखंड के लिये मोदी-योगी का रोडमैप

Posted On by & filed under राजनीति

बुन्देलखण्ड क्षेत्र तीस लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है। इनमें से 24 लाख हेक्टेयर कृषि योग्य है परन्तु इनमें से मात्र चार लाख हेक्टेयर भूमि की ही सिंचाई हो पा रही है, क्योंकि इस इलाके में खेती के विकास के लिए सिंचाई की ऐसी योजनायें ही नहीं बनाई गई, जिनका प्रबंधन कम खर्च में समाज और गाँव के स्तर पर ही किया जा सके। बड़े-बड़े बांधों की योजनाओं से 30 हजार हेक्टेयर उपजाऊ जमीन बेकार हो गई। ऊँची लागत के कारण खर्चे बढे,लेकिन यह बाँध कभी भी बहुज ज्यादा कारगर नहीं साबित हुए। बुंदेलखंड में पिछले एक दशक में 09 बार गंभीर सूखा पड़ा है। बुंदेलखंड में जंगल, जमीन पर घांस, गहरी जड़ें ना होने की कारण तेज गति से गिरने वाला पानी बीहड़ का इलाका पैदा कर रहा है। बुंदेलखंड को करीब से जानने वाले कहते हें कि केवल बारिश में कमी का मतलब सुखा ़ नहीं है, बल्कि व्यावहारिक कारणों और विकास की प्रक्रिया के कारण पर्यावरण चक्र में आ रहे बदलाव सूखे के दायरे को और विस्तार दे रहे हैं।

मैं बुंदेलखंड बोल रहा हूँ

Posted On by & filed under टॉप स्टोरी, विविधा

रवि उपाध्याय/अतुल मोहन सिंह “बेदम, बदनसीब, बीहड़ और अब बंजर में तब्दील हो चके बुंदेलखंड की यही किस्मत है. न जाते कितने ही बाग़ी और रहनुमाओं को ख़त्म होते देख चुके बुन्देली माटी के बाशिंदे अब उपेक्षा का स्यापा नहीं करते बल्कि अपने हालात को नियति मानकर स्वीकार कर चुके हैं कभी अतिवृष्टि कभी ओलावृष्टि… Read more »

बुंदेलखण्ड : प्रकृति नहीं, सियासत का कोप भारी है !

Posted On by & filed under विविधा

सुनील अमर  बुंदेलखण्ड देश का दूसरा विदर्भ बनता जा रहा है। केन्द्र और राज्य सरकारों के तमाम घोषित उपायों के बावजूद यहॉ के किसानों द्वारा की जा रही आत्महत्याओं का सिलसिला थम नहीं रहा है। स्थिति की भयावहता का अनुमान इस बात से लगाया जा सकता है कि गत माह इलाहाबाद उच्च न्यायालय उ.प्र. ने… Read more »

चुनाव आए नजदीक तो नेता पहुंचने लगे बुंदेलखंड

Posted On by & filed under राजनीति

अजय कुमार वर्षों से सूखे और भुखमरी की मार झेलने वाले बुंदेलखंड में एक बार फिर चुनावी दस्तक सुनाई देने लगी है। चुनाव का समय आते ही सभी दलों के नेताओं को बुंदेलखंड लुभाने लगा हैं। उस चेहरे को तलाशाने का नाटक किया जा रहा है जो बुंदेलखंड की दुर्दशा के लिए जिम्मेदार है। कांग्रेस… Read more »

बुंदेलखंड के सन्दर्भ में- बदहाली में पलायन

Posted On by & filed under समाज

मध्यप्रदेश के छतरपुर के अकोना गांव के गुरवा अहिरवार आज अपनी कच्ची झोंपड़ी में अपनी बुजुर्ग पत्नी और तीन नातियों के साथ रह रहे हैं। उनके दो बेटे और बहू रोजगार की तलाश में जुलाई में ही दिल्ली जा चुके हैं। बुंदेलखण्ड के इस इलाके के किसी भी बस अड्डे और रेल्वे स्टेशन पर आपको… Read more »