अब चोरी भी बिजनिस हो गया है

Posted On by & filed under व्यंग्य

हरिया ने जब सुना कि देश में घोटालों को लेकर सब तरफ उगली उठ रही है । लेकिन असली घोटाले बाज कौन है ं किसके जिम्मे है यह देश ,और इसकी जनता । किसे इसकी रक्षा करनी चाहिये थी । जिसे देखों इसे लुटने में लगा है । खैर हरिया की सठियायी हुई बुद्धि में… Read more »