उत्सवों को यादगार बनाएँ

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उत्सवों को यादगार बनाएँ नए वर्ष में नए संकल्प लें डॉ. दीपक आचार्य हर अमावस के बाद पूनम और इसके बाद अमावास्या। शुक्ल पक्ष के बाद कृष्ण पक्ष और फिर वही क्रम। दिन, महीने साल गुजरते जाते हैं। जो समय बीत गया वह कभी लौटकर वापस नहीं आता। कालचक्र की गति कभी थमती नहीं, युगों… Read more »