खेती-किसानी का बजट

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प्रमोद भार्गव उदारवाद के बाद यह पहला बजट है, जिसमें अन्नदाता के प्रभुत्व को फिर से स्वीकारने की शुरुआत हुर्इ है। कृषि, किसान, ग्रामीण विकास, उर्वरक, सिंचार्इ और इनसे जुड़ी तकनीक को विस्तार देने की झलक भी इस बजट में है। खुदरा व्यापार में प्रत्यक्ष विदेशी पूंजी निवेश को लाने के हठ में सरकार ने… Read more »

केन्द्रीय बजट और ग्रामीण भारत

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 राजीव गुप्ता पांच राज्यों के चुनावों में कांग्रेस के निराशाजनक प्रदर्शन से सबक लेते हुए एवं रेल बजट से उत्पन्न हुए गर्म सियासी माहौल के बीच वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने यूपीए सरकार की दूसरी पारी का तीसरा बजट पेश करते हुए अपने को आम आदमी अर्थात ग्रामीण भारत से जुड़ाव दिखाने का प्रयास किया… Read more »