हास्य-व्यंग्य/इंतजार चमत्कारी घोड़े के अवतार का..

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पंडित सुरेश नीरव मनुष्य आस्तिक भी हो सकता है और नास्तिक भी। पर दोनों ही नस्ल के आदमियों का घोड़ास्तिक होना उसकी अंतिम नियति है। वह ईश्वर को लेकर तो बहस कर सकता है मगर अकल के सारे घोड़े दौड़ाने के बावजूद चाहे वह कितने भी उच्च गोत्र का गधा क्यों न हो घोड़ों की… Read more »