बदलती आबोहवा: क्यों चिंतित हो भारत ?

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अरुण तिवारी   क्या जलवायु परिवर्तन का मसला इतना सहज है कि कार्बन उत्सर्जन कम करने मात्र से काम चल जायेगा या पृथ्वी पर जीवन बचाने के लिए करना कुछ और भी होगा ? इसके लिए हम दूसरे देशों के नजरिए और दायित्वपूर्ति की प्रतीक्षा करें या फिर हमें जो कुछ करना है, हम वह… Read more »

बदलती आबोहवा: क्या करे भारत ?

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अरुण तिवारी कार्बन की तीन ही गति हैं: उपभोग, उत्सर्जन और अवशोषण। तीनों के बीच संतुलन ही जीवन सुरक्षा की कुदरती गारंटी है। इन तीनों के बीच संतुलन गङबङाया है, लिहाजा, जीवन सुरक्षा की कुदरती बीमा पाॅलिसी भी गङबङा गई है। दोष और समाधान के रूप में आज सबसे ज्यादा चर्चा और चिंता कार्बन उत्सर्जन… Read more »