बच्चों के प्रति लापरवाह सरकारें

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लिमटी खरे सरकार चाहे केंद्र की हो राज्य की, सियासी दल चाहे जो भी हो, जनसेवक किसी भी मानसिकता का हो, हर कोई अपने आप को देश और समाज के उत्थान के प्रति अपने आप को पूरी तरह से समर्पित बताने से नहीं चूकता है। अपनी घोषित प्राथमिकताओं के प्रति ये सारे के सारे ठेकेदार… Read more »

स्तनपान बनाम बोतलपान : एक नवजात शिशु की अभियक्ति

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हे माँ ! मैं तो नन्हा सा मासूम हूँ . तेरा ही सलोना सा लाल हूँ. मेरी स्नेहिल अनुभूति को समझा है, तूने, आँचल को छुड़ाकर,बोतल दिया है,तूने. यह कैसा है न्याय तेरा, कहती है तो लाल है मेरा. आधुनिकता की दोड़ मैं सिद्ध तूने किया है, स्तनपान के बजाय बोतलपान मेरा आहार है. इस… Read more »