अब ‘गरीबी छुपाओ’

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कलमाड़ी का कमाल … -एल. आर. गाँधी कलमाड़ी का कमाल; जी हाँ इसे हम कलमाड़ी जी का कमाल ही कहेंगे! जिस दक्ष प्रशन का उत्तर पिछले ४० साल से ‘राज परिवार’ नहीं ढूंढ पाया, कलमाड़ी ने पलक झपकते ही ‘प्राब्लम साल्व’ कर डाली! दक्ष प्रश्‍न था – कामनवेल्थ खेलों में विदेशी महमानों से ‘दिल्ली की… Read more »

नौकरशाह बनाम दिल्ली के विद्यार्थी

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-लालकृष्ण आडवाणी पिछले सप्ताह जब राष्ट्रमण्डल खेलगांव अनौपचारिक रुप से खोला गया तो जिसने देखा वही उसकी भूरि-भूरि प्रशंसा करने लगा। वेल्स के चे्फ डि मिशन ने जो कहा वह छपा है: ”अपनी सुविधाओं और वैभव से परिपूर्ण विलेज असामान्य है।” इससे मुझे एनडीए सरकार के समय जब पहली बार नई दिल्ली में यह खेल… Read more »

हाय गाय, अब तुम फिर कटोगी…? / गिरीश पंकज

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दिल्ली में राष्‍ट्रमंडल खेल होने जा रहे है. खेल के पहले भ्रष्टाचार के तरह-तरह के जो महान खेल हो रहे है, उनसे पूरा देश परिचित हो चुका है. लेकिन एक नया तथ्य यह सामने आया है कि राष्ट्रकुल खेलों में शामिल होने आ रहे अनेक विदेशी खिलाडियों के स्वागत में हमारी गौ माताए भी अपनी… Read more »

भ्रष्टमंडल खेल बना राष्ट्र की प्रतिष्ठा का सवाल

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-अवनीश सिंह जैसे-जैसे राष्ट्रमंडल खेलों की घडियां नजदीक आती जा रही हैं, वैसे-वैसे खेल से जुडी परियोजनाओं के आयोजकों की परेशानी बढती जा रही हैं। राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन के संबंध में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का कहना है कि यह देश के लिए इज्जत का सवाल है। ऐसे में हम सब को एकजुट होकर… Read more »

राष्ट्रमंडल खेलों के बहाने मीडिया को नारी पूजा याद आयी?

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डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’ खबरें बेचने के लिये मीडिया अनेक प्रकार के तरीके ईजाद करने लगा है। यदि घटनाएँ नहीं हो तो पैदा की जाती हैं। वैसे घटनाएँ रोज घटित होती हैं, लेकिन कितने लोगों को लूटा गया, कितनी स्त्रियों के साथ बलात्कार हुआ, कितनों की दुर्घटना में मौत हुई, कितने करोड किसने डकारे आदि… Read more »

क्या हम आजाद भारत गणराज्य में हैं!

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-लिमटी खरे भारत गणराज्य के संसदीय इतिहास में पहली मर्तबा एसा हुआ होगा कि किसी कबीना मंत्री ने देश के माननीय कहे जाने वाले संसद सदस्यों के अधिकार क्षेत्र को ही चुनौति दे डाली हो। राष्ट्रमण्डल खेलों में हो रहे जबर्दस्त भ्रष्टाचार के बारे में सवाल जवाब और हंगामों के दौर के बीच भारत के… Read more »

खेल के बाद होगी जांच, मतलब तब तक भ्रष्टाचार की खुली है छूट

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-लिमटी खरे देश की नाक का सवाल बन चुके राष्ट्रमण्डल खेलों के लिए सरकार तैयार हो अथवा न हो, स्टेडियम तैयार हों या न हों, पर मेहमानवाजी के लिए ‘‘अपराधियों‘ ने अपनी कमर कस रखी है। कामन वेल्थ गेम्स देश की नाक बचा सकें या न बचा सकें पर आयोजन समिति से जुडे लोगों की… Read more »

खेल खेल में अरबों का खेल

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-लिमटी खरे महज तेरह दिनों के लिए आयोजित राष्ट्रमण्डल खेलों के लिए भारत गणराज्य की सरकार पैसे को पानी की तरह बहाने से नहीं चूक रही है। भारत पर आधी सदी से ज्यादा राज करने वाली कांग्रेस को इस बात से कोई लेना देना नहीं है कि उसके राज में भारत गणराज्य की जनता किस… Read more »

इंसान पर भारी खेल

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-सतीश सिंह राष्‍ट्रमंडल खेल के शुरु होने से पहले खेल की तैयारी को लेकर जिस तरह से रोज नाटक हो रहे हैं, वह निश्चित रुप से अफसोसजनक है। भारत विश्‍व का ही एक हिस्सा है और यहाँ पर होने वाले हलचलों से विश्‍व के अन्य देश भी बखूबी अवगत हैं। ऐसे में दिल्ली को सजाने-संवारने… Read more »