बड़ी अदालत में बड़ा अन्याय

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भारत के सर्वोच्च न्यायालय में आप किसी भी भारतीय भाषा का प्रयोग नहीं कर सकते। हिंदी का भी नहीं। हिंदी राजभाषा है। यह हिंदी और राज दोनों का मजाक है। यदि आप संसद में भारतीय भाषाओं का प्रयोग कर सकते हैं तो सबसे बड़ी अदालत में क्यों नहीं? सबसे बड़ी अदालत में सबसे बड़ा अन्याय है, यह ! देश के सिर्फ चार उच्च न्यायालयों में हिंदी का प्रयोग हो सकता है- राजस्थान, उप्र, मप्र और बिहार! छत्तीसगढ़ और तमिलनाडु ने भी स्वभाषा के प्रयोग की मांग कर रखी है।

अन्ना का आंदोलन और संविधान

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श्याम नारायण रंगा ‘अभिमन्यु’  पूरे देश में अभी अन्ना के आंदोलन की गूंज है। जिसे देखो वो अन्ना के समर्थन में नारे लगाता दिखाई दे रहा है। जनाब ये लोकतंत्र है यहॉं जनता का राज है सो आंदोलन होना और उसमें लोगों का जुड़ना लोकशाही का एक तरीका है। तंत्र की कोई व्यवस्था अगर लोक… Read more »

एक संविधान, फिर दो विधान क्यों?

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-डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’ भारतीय संविधान का अनुच्छेद 14 चीख चीख कर कहता है कि भारत में सभी लोगों को कानून के समझ समान समझा जायेगा और सभी लोगों को कानून का समान संरक्षण प्राप्त होगा। अनुच्छेद13 में यह भी कहा गया है कि यदि उक्त प्रावधान का उल्लंघन करने वाला या कम करने वाला… Read more »