भारत में भ्रष्टाचार 

Posted On by & filed under राजनीति

भ्रष्टाचार

शैलेन्द्र चौहान राजनीतिक और प्रशासनिक भ्रष्टाचार को ठीक से समझने के लिए अध्येताओं ने उसे दो श्रेणियों में बाँटा है। सरकारी पद पर रहते हुए उसका दुरुपयोग करने के ज़रिये किया गया भ्रष्टाचार और राजनीतिक या प्रशासनिक हैसियत को बनाये रखने के लिए किया जाने वाला भ्रष्टाचार। पहली श्रेणी में निजी क्षेत्र को दिये गये… Read more »

अफसरों की भ्रष्ट प्रवृत्ति रोकना जरुरी

Posted On by & filed under आलोचना, जरूर पढ़ें, टॉप स्टोरी, परिचर्चा

रमेश पाण्डेय देश और दुनिया में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाए जाने को लेकर कशमकश जारी है। सामाजिक संगठन से लेकर राजनैतिक संगठनों द्वारा इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया जा रहा है। समाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे आए दिन भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर आन्दोलन करते रहते हैं। योग गुरु बाबा रामदेव भी भ्रष्टाचार के मुद्दे… Read more »

इस भ्रष्टाचार के लिए किसे कोसेगी भाजपा

Posted On by & filed under राजनीति

-डॉ. मयंक चतुर्वेदी- भारतीय जनता पार्टी के बारे में कहा जाता है कि वह वैचारिक प्रतिबद्धता से पूर्ण सुचिता के संकल्प को लेकर राजनीतिक क्षेत्र में कार्य करनेवाली पार्टी है। भाजपा के अस्तित्व में आने को लेकर विचार किया जाए तो यह किसी सत्ता केन्द्रित कार्यों पर प्रतिवेदन तैयार करने और कांग्रेस की तरह ह्यूम… Read more »

कहां से कहां आ गए हम!

Posted On by & filed under चुनाव, राजनीति

-फखरे आलम- 7 अप्रैल से पूर्व और 16 मई के मध्य! हम कहां से चले थे और आज कहां पहुंच गए। हमने प्रण लिया था कि हम चुनाव लड़ेंगे। एक बेहतर भविष्य के लिए! साफ सुथरी और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन के लिए! एक मजबूत और सशक्त भारत के लिए! वर्तमान शिक्षा और स्वास्थ्य का व्यवस्था… Read more »

काजल की कोठरी है, जरा बचके

Posted On by & filed under जन-जागरण

-मनोहर पुरी-  हमारे पर्वूजों ने बहुत सोच-समझकर यह कहावत बनाई होगी कि काजल की कोठरी में कितना ही सयाना व्यक्ति जाये उसके ऊपर एक लकीर कालिख की लगनी अनिवार्य है। सर्वविदित है कि राजनीति ऐसी ही काजल की कोठरी है। इसमें आने वाले व्यक्ति को अपने चाल चेहरे और चरित्र के विषय में लंबे-चौड़े व्यक्तव्य… Read more »

वर्तमान व्यवस्था में हनुमान जी को भी रिश्वत देना पड़ेगी

Posted On by & filed under व्यंग्य

श्रीराम तिवारी हमारे अधिकारी मित्र को हनुमानजी ने सपने में दर्शन दिए। उसने हनुमानजी से यह इच्छा व्यक्त की त्रेता में आपने जो कारनामे किये थे उनमें से एक आध ’अब’’ करके दिखाए। हनुमानजी ने सपने में संजीविनी बूटी लाकर दिखा दी। अब भक्त ने इच्छा जाहिर की कि हनुमानजी आप कलयुग वाला कोई काम… Read more »

बनते भारत के बिगड़ते हालात.

Posted On by & filed under राजनीति

पिछले कुछ महीने से जिस तरह के हालात हमारे देश में बने हुए है उसको लेकर कई तरह की चिंता और आशंकाएँ पनप रही है. भारत को दुनिया के सबसे बड़े और मजबूत लोकतांत्रिक देश होने का गौरव हासिल है. इस स्थिति में देश में करीब एक साल से लगातार विभिन्न मुद्दों पर राजनीति और… Read more »