पानी दूर हुआ या हम ?

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ग्लेशियर पिघले। नदियां सिकुङी। आब के कटोरे सूखे। भूजल स्तर तल-वितल सुतल से नीचे गिरकर पाताल तक पहुंच गया। मानसून बरसेगा ही बरसेगा.. अब यह गारंटी भी मौसम के हाथ से निकल गई है। पहले सूखे को लेकर हायतौबा मची, अब बाढ़ की आशंका से कई इलाके परेशान हैं। नौ महीने बाद फिर सूखे को… Read more »