हिन्दी समाचार पत्रों में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की प्रस्तुति का अध्ययन

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डॉ. सौरभ मालवीय चर्चित मीडिया शख्सियत हैं। उनके व्‍यक्तित्‍व के कई आयाम हैं। अपने छात्र जीवन से ही एक्टिविस्‍ट रहे डॉ. मालवीय प्राध्‍यापक व मीडिया एक्टिविस्‍ट के रूप में मशहूर हैं। उन्‍होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (मा.च.रा.प.वि.वि.), भोपाल से पत्रकारिता में स्‍नातकोत्तर की डिग्री हासिल करने के पश्‍चात् गत वर्ष अक्‍टूबर महीने… Read more »

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद : भारत के भविष्य का आधार

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भारतीयता का अर्थ है भारत की समग्र परम्परा, भारत-वर्ष का सामाजिक, सांस्कृतिक इतिहास, भारत-वर्ष की पुरातन, अधुनातन पृष्ठभूमि, भारत-वर्ष की संवेदना, भारत वर्ष की कला, भारत-वर्ष का साहित्य। इन सबमें एक ही भाव है जो भारत-वर्ष के प्राचीन दर्शन व भारत के अध्‍यात्म को जीवन से जोड़ता है। मेरी दृष्टि में भारतीयता पूरे इतिहास का… Read more »

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का अर्थ

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शाब्दिक तौर पर राष्ट्रवाद एक आधुनिक ‘पद’ है। ऐसा माना जाता है कि आधुनिक राष्ट्र-राज्य की अवधारणा फ्रांस की क्रांति (1789) के बाद विकसित हुई। सामाजिक विकास या राजनैतिक सिध्दांत के तौर पर राष्ट्रवाद की संकल्पना…