कपिल मिश्रा और अरविन्द केजरीवाल की कलंक कथा

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आज केजरीवाल की कलंक कथा और कपिल के आरोप चर्चा का विषय हैं। केजरीवाल मौन हैं। हो सकता है कि वह सोच रहे हैं कि धीरे-धीरे सब शांत हो जाएगा। हम भी मानते हैं कि सब धीरे-धीरे शांत हो जाएगा, पर सत्यनिष्ठा पर जो प्रश्नचिन्ह एक बार लग जाता है वह तो चरित्र पर लगे एक दाग की भांति होता है, जिसे धोने वाली कोई साबुन आज तक नही बनी है। समाचार पत्रों को चार दिन बाद हो सकता है कि लिखने पढऩे के लिए फिर कोई ‘केजरीवाल ‘ का ‘पिता’ मिल जाए या और कोई ऐसा धमाका हो जाए कि सारी मीडिया आप की सडांध मारती लाश को छोडक़र उधर को भाग ले पर दिल्ली की जनता के हृदय में तो इतनी देर में गांठ लग चुकी होगी, जिसे खोलना अब केजरीवाल के वश की बात नहीं होगी। यह जनता है जो सब जानती है-यह भूलती नही है-अपितु हृदय में लगे एक एक शूल को उठा उठाकर सुरक्षित रखती जाती है। समय आने पर सबका हिसाब किताब गिन गिनकर पूरा कर देती है। अत: केजरीवाल ध्यान रखें कि पर्दे के पीछे के उनके कुकृत्यों को जनता अपने पर्दे (हृदय) के पीछे ले गयी है और अब पर्दे का हिसाब ‘पर्दे’ में ही होगा।…..राज को राज रहने दो।

दिल्ली को दिल नहीं मानोगे तो कैसे चलेगा ?

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दिल्ली की जो सूरत आज दिखाई दे रही है वह सूरत दिल्ली को दिलदार कहने लायक बिलकुल भी नहीं है और सवाल यही खड़ा होता है कि हम दिल्ली को अगर अपना दिल नहीं मानेगे तो कैसे चलेगा काम? दिल्ली यूं तो अपने आप में एक प्रदेश है, लेकिन महज इसे एक प्रदेश मानकर राजनीतिक… Read more »

क्या दिल्ली एक दीर्घकालिक (सस्टेनेबल) शहर है?

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डॉ. मुनीश कुमार रायजादा जब हम दीर्घकालिक या स्थायी शहरों की बात करते हैं, तो हाल ही में जारी हुए एक सर्वे के नतीजे हमें दिल्ली पर चर्चा करने पर मजबूर कर देते हैं। हॉलैंड के एक समूह द्वारा हाल ही में जारी किये गये “आर्केडिस सस्टेनिबल सिटीज इन्डेक्स” में भारत की राजधानी दिल्ली शर्मनाक… Read more »

ये है दिल्ली मेरी जान

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लिमटी खरे घोटाला पुरूष बने शरद पवार! कोई विकास पुरूष बनता है तो कोई युग पुरूष पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सुप्रीमो शरद पवार तो घोटाला पुरूष की अघोषित संज्ञा पा गए हैं। इंटरनेट पर इन दिनों शरद पंवार के घोटालों की चर्चाएं जोरों पर हैं। शरद पंवार कांड के नाम से एक फोटो फेसबुक… Read more »

ये है दिल्ली मेरी जान

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लिमटी खरे  शिंदे या मीरा हो सकती हैं मन की उत्तराधिकारी सियासी गलियारों में प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह की बिदाई की उल्टी गिनती आरंभ हो चुकी है। अब अटकलें लगाई जा रही हैं कि सोनिया गांधी के लिए मनमोहन के स्थान पर कौन सा चेहरा मुफीद होगा। एक तीर से कई शिकार करने के आदी कांग्रेस… Read more »

ये है दिल्ली मेरी जान

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लिमटी खरे आवाणी की रथयात्रा को तलाश है फायनेंसर की भाजपा के पीएम इन वेटिंग की दौड़ से अपने आप को बाहर करने वाले एल.के.आड़वाणी की रथयात्रा होगी या नहीं अभी यह सुनिश्चित नहीं हो पा रहा है। भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के बाद भी कुहासा छट नहीं सका है। आड़वाणी जुंडाली परेशान है। उनकी… Read more »

ये है दिल्ली मेरी जान

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  भरी भीड़ में अकेले खड़े हैं मनमोहन कांग्रेस के अंदर अब यह चर्चा जोर पकड़ने लगी है कि अब वक्त आ गया है और वजीरे आजम डाॅ.मनमोहन को सेवानिवृत्ति ले लेनी चाहिए। मतलब साफ है कि इस साल देश को नया प्रधानमंत्री तो अगले साल देश को नया महामहिम राष्ट्रपति मिलने वाला है। ईमानदार… Read more »

ये है दिल्ली मेरी जान

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लिमटी खरे ड्यूरेबल हैं गांधी परिवार के वादे! देश पर आधी सदी से ज्यादा राज करने वाली कांग्रेस में नेहरू गांधी परिवार की अपनी अहमियत है। इस परिवार के पंडित जवाहर लाल नेहरू, श्रीमति इंदिरा गांधी और राजीव गांधी ने लगभग चालीस साल देश पर शासन किया है। इनके बाद सत्ता की धुरी कहीं न… Read more »

ये है दिल्ली मेरी जान

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लिमटी खरे अपने घर की हालत तो सुधरिए राजमाता देश की सबसे ताकतवर महिला श्रीमती सोनिया गांधी को सवा सौ साल पुरानी कांग्रेस द्वारा राजमाता के रूप में देखा जाता है। श्रीमती सोनिया गांधी महिला हैं, पर महिला आरक्षण विधेयक वे पिछले छः से अधिक सालों में पारित नहीं करवा सकीं हैं। राजमाता की रियासत… Read more »

ये है दिल्ली मेरी जान

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लिमटी खरे खस्ताहाल है युवराज की जागीर कांग्रेसियों की नजर में भविष्य के प्रधानमंत्री और युवराज राहुल गांधी समूचे देश में युवाओं को कांग्रेस से जोड़ने का जतन कर रहे हैं, किन्तु उन्हें अपनी जागीर यानी संसदीय क्षेत्र अमेठी की कोई परवाह ही नहीं है। अमेठी का आलम यह है कि वहां न बिजली है,… Read more »