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रवि कुमार छवि

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(भारतीय जनसंचार संस्थान)

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साल के चौथे और आखिरी ग्रैंड स्लैम का सफर थम गया लेकिन इसकी चर्चाएं शायद कुछ दिन और चले । इसका सबसे कारण है साल 2005 के बाद किसी भी शीर्ष खिलाड़ी का किसी भी ग्रैंड स्लैम के फाइनल में ना पहुंच पाना। पिछले एक दशक में पहला मौका था जब टेनिस की दुनिया के फेब फोर में से(राफेल नडाल, रोजर फेडरर, नोवाक जोकोविच, और एंडी मेरे ) कोई भी खिलाड़ी फाइनल में अपनी जगह नहीं बचा पाया लेकिन इस बार ये मिथक टूटा।
यह अमेरिकी ओपन पूरी तरह से क्रोएशिया के मारिन सिलिक और जापान के केई निशिकोरी के नाम रहा। पहले केई निशिकोरी ने नोवाक जोकोविच को हराया तो दूसरी तरफ मारिन सिलिक ने रिकार्ड 17 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन रोजर फेडरर को हराया। दिग्गजों की हार और इन दोनों के प्रदर्शन से पूरे टेनिस जगत में सनसनी फैल गई।
पहले बात करते है मारिन सिलिक की जिन्होंने 14 वे वरीय खिलाड़ी के रुप में अपना पहला ग्रैंड स्लैम जीता इससे रहले पीट संप्रास ने 2002 में 17 वरीय खिलाड़ी के रुप में खिताब जीता था. वैसे देखा जाए तो सिलिक कोई अनजान खिलाड़ी नहीं। सिलिक 2010 आस्ट्रेलियन ओपन में सेमीफाइनल तक पहुंचे थे। एंडी मेरे से पहला सैट जीतने के बावजूद सिलिक उस मैच को हार गए थे.आखिरकार सिलिक ने उस हार को मीलों पीछे छोड़ते हुए चार साल बाद ना केवल फाइनल में जगह बनाई बल्कि अपना पहला ग्रैंड स्लैम खिताब भी जीता। बीते चार सालों में सिलिक ने अपनी तकनीक पर ध्यान दिया जिसका नतीजा सबके सामने जीत के रुप में आया। पूर्व विश्व नंबर एक खिलाड़ी रोजर फेडरर के पास उनके शाट को कोई जवाब नहीं था. फेडरर सिलिक के सामने बिल्कुल असहाय दिखे। सिलिक के लिए ये जीत किसी भी सपने से कम नहीं क्योंकि साल 2013 में विंबलडन के दौरान उन्हें डोपिंग का दोषी पाया गया था जिसके कारण वे टेनिस से चार महीने दूर रहे थे। इसी कारण सिलिक के लिए ये जीत उनके करियर के लिए काफी अहम साबित हो सकती है.
अब बात करते है जापान के केई निशिकोरी की जिन्होंने एक अन्य दिग्गज नोवाक जोकोविच को हराकर एक अमेरिकी ओपन का एक और उलटफेर किया। वैसे निशिकोरी भी अनजान खिलाड़ी नहीं है। हालांकि ये निशिकोरी का पहला फाइनल था लेकिन इससे पहले वे इसी साल रोजर फेडरर को हरा चुके थे.। मैड्रिड ओपन में राफेल नडाल के सामने जीत दर्ज करते-करते रह गए थे क्योंकि चोट के चलते उन्हें मुकाबला बीच में ही छोड़ना पड़ा था. निशिकोरी एशियाई मूल के पहले खिलाड़ी बने जिन्होंने किसी ग्रैंड स्लैम के फाइनल में जगह बनाई।
इस साल स्टेनिसलास वावरिंका ने आस्ट्रेलियाई ओपन खिताब जीता था.फिर मारिन सिलिक ने अमेरिकी ओपन में खिताब जीता और अब केई निशिकोरी ने अमेरिकी ओपन में फाइनल में पहुंच कर अपना नाम इतिहास में दर्ज करवाया । टेनिस की दुनिया के फेब फोर के सामने टेनिस की ये एक नई त्रिमूर्ति है जो एक दशक से टेनिस जगत में काज करे रहे हैं।
पूरे टेनिस जगत के लिए ये काफी गर्व की बात है कि इस खेल में अब चैंपियन की एक नई पीढ़ी उभर कर सामने आ रही है। अब देखना दिलचस्प होगा कि टेनिस की ये नई त्रिमूर्ति क्या फेब फोर को आगे भी चुनौती भी दे पाएगी। या फिर ये जश्न इस अमेरिकी ओपन तक ही सिमट जाएगा।
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