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प्रवक्‍ता ब्यूरो

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राजग के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार लालकृष्ण आडवाणी ने आज लोकसभा चुनाव 2009 के लिए भारत रत्न डा0 बालासाहेब भीमराव अम्बेडकर को उनकी 118वीं जयंती के अवसर पर आयोजित ‘दलित चेतना रथयात्रा’ को झंडी दिखाकर रवाना किया।इस अवसर आडवाणी ने अपने भाषण में कहा कि भारतीय संविधान के प्रमुख वास्तुकार डा0 अम्बेडकर समता, सामाजिक न्याय और सामाजिक परिवर्तन के समर्थक थे। उन्होंने अन्य विद्वानों के साथ मिलकर भारतीय संविधान की रचना की जो विश्व के बेहतरीन संविधानों में से एक है। 25 नवम्बर, 1949 को संविधान सभा के समापन सत्र में डा0 अम्बेडकर ने एक उत्कृष्ट भाषण दिया था। इस भाषण में उन्होंने नए स्वतंत्र राष्ट्र को दो बिन्दुओं पर प्रबोधित किया : मुश्किल से हासिल की गई हमारी आजादी की रक्षा राष्ट्रीय एकता को मजबूत करके की जानी चाहिए और विगत की मूर्खताओं जिनसे विदेशी आक्रमणकारियों और शासकों को भारत पर शासन करने में मदद मिली थी, को नहीं दोहराया जाना चाहिए। सामाजिक लोकतंत्र और आर्थिक लोकतंत्र के बिना राजनीतिक लोकतंत्र अधूरा है। भारतीय जनता पार्टी स्वयं इस शिक्षा का पालन करने के प्रति कृत-संकल्प है।

आडवाणी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी ने डा0 अम्बेडकर को कभी भी अपेक्षित श्रेय नहीं दिया। इसने सन् 1952 में पहले लोकसभा चुनावों में उन्हें शिकस्त दी। तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी के एक वरिष्ठ नेता डा0 एच.वी. हांडे की एक नई पुस्तक (मेकमिलन द्वारा प्रकाशित अम्बेडकर एंड द मेकिंग ऑफ द इंडियन कांस्टीटयूशन) में प्रकाश डाला गया है कि संविधान सभा में शुरू में भेजे गए 296 सदस्यों में किस तरह डा0 अम्बेडकर को स्थान नहीं मिल सका था। पूर्वी बंगाल के एक दलित नेता ने सदस्य के रूप में अपना नाम वापस लेकर डा0 अम्बेडकर के लिए संविधान सभा में जाने का रास्ता बना दिया। इसके अलावा, महात्मा गांधी ने ही डा0 अम्बेडकर को मंत्रिमण्डल में शामिल करने के लिए पंडित जवाहरलाल नेहरू को राजी किया था।

आडवाणी ने बताया कि डा0 अम्बेडकर को सन् 1990 में ही ”भारत रत्न” दिया गया था। यह कार्य वी.पी.सिंह की सरकार द्वारा किया गया, जिसका भारतीय जनता पार्टी ने समर्थन किया था। इसके अलावा, यह मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार ही थी जिसने डा0 अम्बेडकर की जन्मभूमि, महू में उनका भव्य स्मारक बनाया। मुझे गतवर्ष इस स्मारक का उद्धाटन करने का सम्मान मिला था। कांग्रेस पार्टी जिसने 50 वर्षों तक इस राज्य पर शासन किया था, ने कभी भी इसकी परवाह नहीं की।

आडवाणी ने पार्टी के घोषणा-पत्र का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने वादा किया है कि अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण को जारी रखने के अलावा, ”भारतीय जनता पार्टी हमारे समाज के दलितों, आदिवासियों, अन्य पिछड़े वर्गों एवं दूसरे वंचित वर्गों के लिए उद्यमीशीलता एवं व्यवसाय के अवसरों को बढ़ाएगी ताकि भारत की सामाजिक विविधता पर्याप्त रूप से इसकी आर्थिक विविधता में प्रतिबिम्बित हो।” इस प्रकार घोषणा-पत्र में डा0 अम्बेडकर के स्वप्न को पूरी तरह से उच्चारित किया गया है। हमने सीखो और धन कमाओ योजनाओं (learn-and-earn schemes) के जरिए कौशल संवर्धन को बढ़ावा देने हेतु ”अत्यंत पिछड़े समुदायों” के लिए एक विकास बैंक का भी प्रस्ताव किया है।

आडवाणी ने आगे कहा कि डा0 अम्बेडकर के आर्थिक लोकतंत्र के सपने को पूरा करने का यह एक नया दृष्टिकोण है। मैं इसे आरक्षण से आगे दृष्टिकोण कहूंगा। इसका अभिप्राय है कि हम आरक्षणों की नीति को जारी रखेंगे और अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों को उद्यमशीलता, व्यापार, वाणिज्य, व्यवसाय (प्रोफेशनल्स) और लाभप्रद रोजगार की मुख्य धारा में लाने हेतु महत्वाकांक्षी नई पहलें भी शुरू करेंगे।

आडवाणी ने उत्तर प्रदेश के मतदाताओं से अपील की कि उत्तर प्रदेश में एक पार्टी दलितों के नाम पर चुनकर सत्ता में आई है। दु:ख की बात है कि सरकार में इसका कामकाज ऐसा है कि दलितों के कई वर्ग अपने को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। इस सरकार ने अपराध और भ्रष्टाचार जो पिछली सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में महामारी की तरह फैले हुए थे, को समाप्त करने का वादा किया था। दु:ख की बात है कि उत्तर प्रदेश में एक भ्रष्ट और अपराधयुक्त सरकार की जगह दूसरी सरकार आ गई है। लेकिन न केवल दलित ही वरन् समाज के सभी वर्ग अपने को छला हुआ महसूस कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता को आगामी लोकसभा चुनावों में सही निर्णय लेने का एक मौका मिला है। उन्होंने उत्तरप्रदेश की जनता से अपील की कि वह भारतीय जनता पार्टी तथा इसकी सहयोगी पार्टी-आर.एल.डी. को समर्थन दे और बड़ी संख्या में हमारे उम्मीदवारों को चुनें। मैं उनसे वादा करता हूं कि यदि नई दिल्ली में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार सत्ता में आई तो हम उत्तर प्रदेश में स्थिति को व्यवस्थित करेंगे।

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