लेखक परिचय

जयराम 'विप्लव'

जयराम 'विप्लव'

स्वतंत्र उड़ने की चाह, परिवर्तन जीवन का सार, आत्मविश्वास से जीत.... पत्रकारिता पेशा नहीं धर्म है जिनका. यहाँ आने का मकसद केवल सच को कहना, सच चाहे कितना कड़वा क्यूँ न हो ? फिलवक्त, अध्ययन, लेखन और आन्दोलन का कार्य कर रहे हैं ......... http://www.janokti.com/

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जामिया में छात्र की मौत से भड़के छात्रों के हंगामे और वास्तविक घटनाक्रम का जायजा ले रहे पत्रकार अभिषेक सिंह की एक रपट :

ब्ल्यू लाइन बसों के क़हर से पूरी दिल्ली सहम चुकी है। वहीं ब्लू लाइन के खूनी इतिहास में एक ऐसा अध्याय और जुड़ गया है जिसने जामिया विश्वविद्यालय में भी अपनी छाप छोड़ी है। जामिया विश्वविधालय के बी. टेक विभाग के छात्र ललीत की जीवन लीला का अंत भी ब्लू लाइन के टायरों के समीप हुआ। जामिया छात्रों ने इस घटना को लेकर काफी हंगामा मचाया और जामिया प्रॉक्टर से इस्तीफे की मांग की। जामिया के नवनियुक्त कुलपति नज़ीब ज़ग के द्वारा छात्रों को कई तरह के आश्वासन दिये गये।
गौरतलब है कि  भरत नगर बस स्टैण्ड़ पर बस न. 894 खड़ी थी और बस न. 507 ने उसे ओवरटेक करने की कोशिश की। इस कोशिश में उसने बस में च़ रहे जामिया छात्र ललीत का ध्यान नहीं रहा और छात्र बस से गिर गया और थोड़ी ही देर में उसकी मृत्यु हो गई। इससे बस में बैठे जामिया विश्वविधालय के छात्र आक्रोशित हो गये और उन्होंने बस स्टैण्ड़ पर बसों में तोड़फोड़ की। उक्त घटना की जानकारी जामिया नगर थाने में हुई तो पुलिस ने तत्काल कार्यवाही के अंर्तगत जामिया छात्रों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस द्वारा छात्रों को थाने में ले जाया गया और उनकी पीटाई की गई। जामिया हॉस्टल के छात्रों को इस घटना की जानकारी रात करीब 10 बजे हुई। छात्रों में इस घटना से आक्रोश की एक लहर फैल गई और उन्होंने विरोध प्रदर्शन के लिए मध्य रात्री में ही भारी बारिश में ही सड़कों पर उतर आये। उन्होंने विश्वविधालय के मुख्य रोड़ को जाम कर दिया और ॅम ूंदज रनेजपबम के नारे लगाने शुरू कर दिये। इस घटना की जानकारी जामिया के बड़े हाक़िमों को हुई तो वे तुरंत हॉस्टल पहुॅचे और उन्होंने छात्रों से संयम बरतने की अपील की। छात्रों ने जामिया प्रॉक्टर से पुलिस द्वारा गिरफ्तार किये गये छात्रों को जेल से छुड़ाने की बात कही साथ ही उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया की जामिया कुलपति उनसे इस विषय पर चर्चा करे।
मध्य रात्री में करीब 3.बजे जामिया के कुछ बड़े हाक़िमों में एक अखतरूल वासिर, डी. एस. डब्लू, ……….. और कुछ अन्य हाकिमों द्वारा छात्रों को आश्वासन दिया गया कि सुबह आप लोगों की मुलाकात जामिया कुलपति से कराई जाएगी। इस प्रकार के आश्वासन के बाद छात्र वापस हॉस्टल में लौट आए।
प्रातः सुबह 8 बजे से ही छात्रों ने विश्वविधालय में छात्रों को देर शाम हुई इस घटना से अवगत कराया और उन्होंने एक भीड़ इकट्ठी करनी शुरू कर दी। और जामिया कुलपति से मिलने की तैयारियाँ करने लगे। इस भीड़ की संख्या लगभग 3000 के आसपास थी। इसमें जामिया के सभी विभाग के छात्रों के साथसाथ, जामिया स्कूल के छात्र भी शामिल थे। इस विरोध प्रदर्शन में जामिया स्कूल के छात्रों का अच्छा योगदान था। छात्रों द्वारा कैम्पस के मुख्य रोड़ को जाम कर दिया गया था और उन्होंने ॅम ूंदज रनेजपबम के नारे लगाने शुरू कर दिये थे। हिंसा की आशंका और भीड़ पर काबू रखने के लिए पुलिस बल चारों तरफ तैनात थे। जामिया छात्रों ने विश्वविद्यालय के ओपन एयर थियेटर में इकट्ठा होना शुरू कर दिया।

12.00 बजे के समीप जामिया के नवनियुक्त कुलपति नज़ीब जं़ग का छात्रों से साक्षात्कार हुआ। जामिया छात्रों ने जामिया कुलपति से मृतक छात्र के परिवार 20 लाख रूपये मुआवज़ा दिलवाने की मांग रखी। इस मांग पर जामिया कुलपति ने कहा कि ब्ल्यू लाईन बस एसोसिएशन एक बहुत बड़ी बस एसोसिएशन है। और मृतक छात्र एक बी. टेक विभाग का छात्र था। अतः हम उसके परिवार के लिए ब्लू लाइन बस एसोसिएशन से 1,44,000,00 रूपये दिलाने की मांग रखेगें। छात्रों द्वारा जामिया विश्वविद्यालय में स्टूडेंट इलेक्शन की मांग भी रखी गई। इस मांग पर भी उन्होंने कहा है कि वे विश्वविद्यालय के माहौल का अच्छे तरह से निरक्षण करने के बाद ही कोई फैसला देंगे। छात्रों द्वारा मृतक छात्र के परिवार के किसी भी एक सदस्य को जामिया विश्वविधालय में नौकरी देने की मांग रखी गई। इस पर कुलपति द्वारा छात्रों को यह आश्वासन दिया गया कि मृतक परिवार के किसी भी सदस्य को केवल जामिया में ही नहीं बल्कि वे किसी भी सरकारी या प्राइवेट महकमें में नौकरी दिलाने की कोशिश करेंगे। उन्होंने छात्रों को यह भी आश्वासन दिया कि उक्त घटनाक्रम के जाँच के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा। जिसका निर्णय सर्वोपरि होगा। छात्रों ने कुलपति से यह माँग भी रखी की विश्वविद्यालय के हॉस्टल में पुलिस के आने पर रोक लगाई जाएं। कुलपति ने इस मांग पर छात्रों से यह कहा कि अगर आप हॉस्टल में गौरकानूनी तरीके से छात्रों को ठहराना बंद कर देंगे तो हॉस्टल में पुलिस नहीं आएगी। छात्रों में प्रॉक्टर के प्रति काफी आक्रोश था । जामिया छात्रों को कुलपति के वक्तव्य केवल आश्वासन भर ही नज़र आये तो उन्होंने विरोध जारी रखा। तो जामिया कुलपति द्वारा छात्रों से धैर्य व संयम बरतने की अपील की साथ ही उन्होंने छात्रों की मांगों को पूरा करने का आश्वासन भी दिया।अब देखना है कि जामिया प्रशासन क्या कदम उठाता है ?

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1 Comment on "जामिया में छात्र की मौत से भड़के छात्रों का हंगामा"

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SUNIL DOGRA जालि‍म
Guest

हम्म! अब क्या कहा जाये

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