लेखक परिचय

आलोक कुमार

आलोक कुमार

बिहार की राजधानी पटना के मूल निवासी। पटना विश्वविद्यालय से स्नातक (राजनीति-शास्त्र), दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नाकोत्तर (लोक-प्रशासन)l लेखन व पत्रकारिता में बीस वर्षों से अधिक का अनुभव। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक व सायबर मीडिया का वृहत अनुभव। वर्तमान में विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं के परामर्शदात्री व संपादकीय मंडल से संलग्नl

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आलोक कुमार :- राघोपुर की जनता आपको क्यूँ वोट दे और राघोपुर के लिए आपकी क्या प्राथमिकताएँ हैं ?

तेजस्वी यादव :- राघोपुर की मिट्टी से जुड़ा हूँ , मेरे माता-पिता इस क्षेत्र की जनता के सुख-दुख के साथी रहे हैं और अब मैं वही जिम्मेवारी निभाने राघोपुर की जनता के बीच आया हूँ l बुनियादी जरूरतों जैसे महँगाई पर नियंत्रण , कानून-व्यवस्था , कृषि , शिक्षा , स्वास्थ्य , स्वच्छता , सड़क ,परिवहन , खाद्य – सुरक्षा , पानी एवं बिजली की बेहतरी के साथ – साथ रोजगार – सृजन , कौशल विकास एवं आम जनता के जीवन – स्तर में चहुंमुखी सुधार मेरी प्राथमिकताएँ हैं l

आलोक कुमार :- बिहार में जनहित के मूददों जैसे महंगाई , भ्रष्टाचार , श्रम-शक्ति का पलायन , संरचनाओं की बदहाली पर जातीय समीकरण हावी हैं क्या आप इसे एक स्वस्थ व सुदृढ़ व्यवस्था की स्थापना की राह में बाधा नहीं मानते ?

तेजस्वी यादव :- नकारात्मक जातीय समीकरण उचित नहीं हैं l यदि सोच सकारात्मक हो जातीय समीकरण कभी भी सुदृढ़ व्यवस्था व राष्ट्र के निर्माण में बाधक नहीं बन सकते l हमारी और हमारी पार्टी की सोच सदैव सकारात्मक रही है l

आलोक कुमार :- क्या आपकी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल का जनता दल यूनाइटेड के साथ गठबंधन जातीय समीकरणों पर आधारित नहीं है ?

तेजस्वी यादव :- बिल्कुल नहीं , हमारा गठबंधन जनहित के मूल्यों पर आधारित है l देखिए… ये दुष्प्रचार है जो हमारे विरोधियों के द्वारा फैलाया जा रहा है l हमारी पार्टी एवं हमारे गठबंधन के लोग आम लोगों के बीच उनकी बेहतरी के लिए एक अर्से से काम रहे हैं और हमारे कामों की बुनियाद पर ही हमारा गठबंधन हुआ है l लोकहित , राष्ट्रहित और प्रदेशहित में समाजवादी विचारधारा को खुद में समेटे – सँजोए हुए हमारा गठबंधन ही बिहार के लिए सबसे उपयुक्त है l

आलोक कुमार :- बिहार के राजनीतिक परिदृश्य में आप अपनी भूमिका का आकलन किस रूप में करते हैं ?

तेजस्वी यादव :- नरेंद्र मोदी , उनकी पार्टी एवं उनकी सरकार ने अपने आचरण से अविश्वास पैदा किया है l ऐसे राजनीतिक अविश्वास के वातावरण में युवा ही निर्णायक भूमिका अदा कर सकते हैं , बिहार भी इस जज्बे से लबरेज है और मैं सिर्फ बिहार के इसी जज्बे को आगे ले जाने का काम कर रहा हूँ l

आलोक कुमार :- क्या आपका गठबंधन सिर्फ और सिर्फ लालू जी के बड़े जनाधार और नीतीश जी की लोकप्रियता के सहारे अपनी जीत का दावा नहीं कर रहा है ?

तेजस्वी यादव :- गठबंधन से एक साझा शक्ति बनती है l बड़े जनाधार और लोकप्रियता का लाभ तो चुनावी राजनीति में अवश्य ही मिलता है , कोई नई बात नहीं है और इसी आधार पर मैं दावे के साथ कह सकता हूँ कि हमारी सरकार बन रही है l

आलोक कुमार :- बिहार में विकास को भी जातिगत एंगल से देखा जाता है , क्या बिहार में सिर्फ विकास के नाम पर चुनाव नहीं जीता जा सकता ?

तेजस्वी यादव :- यदि विकास का कारक कहीं किसी खास जाति में पैदा हुआ है तो उसमें मुझे तो कोई बुराई नहीं दिखती है l मैं तो सदैव ये कहता आया हूँ कि सामाजिक न्याय की अवधारणा से ही समावेशी विकास की अवधारणा निकल कर आई है और आर्थिक न्याय दिलाने का हमारा नया संकल्प भी यही साबित करता है l मेरा स्पष्ट तौर पर ये मानना है कि राजनीति का परम उद्देश्य जनहित है और जनता ही जनार्दन है और जनता रूपी जनार्दन के लिए संभावनाओं की तलाश ही आज का राजनैतिक चरित्र होना चाहिए l दलितों-वंचितों- पिछड़ों के उत्थान का सतत प्रयास ही देश और हमारे प्रदेश को नई ऊंचाईयों तक ले जा सकता है l गाँधी जी के सुराज का मूल मंत्र भी तो यही है , लोहिया जी – जयप्रकाश जी के समाजवाद का मूल तत्व भी तो यही है , बाबा साहेब अंबेडकर के सपनों का भारत भी तो यही है , इन्दिरा जी के गरीबो हटाओ और बीस – सूत्री कार्यक्रम का सार भी तो यही विकासोन्मुखी सोच है l लालू जी की सामाजिक न्याय की अवधारणा की नींव पर खड़ी नीतीश जी के न्याय के साथ विकास की प्रतिबद्धता भी तो यही संदेश देती है l मेरी स्पष्ट राय है कि हमें ऐसी योजनाओं की शुरुआत करनी होगी जिससे लोगों के जीवन – यापन की व्यवस्था की जा सके , हर किसी को जीने का अधिकार है और कोई ऐसा इंसान नहीं बचना चाहिए जिसे भूखे पेट सोना पड़े l

आलोक कुमार :- क्या आप मानते हैं कि बिहार के युवा आपको एक राजनेता से इतर एक बेहतर विकासोन्मुखी विकल्प के तौर पर देख रहे हैं या आप में अपनी संभावनाएँ तलाश रहे हैं ?

तेजस्वी यादव :- पूरे बिहार में युवाओं का जबर्दस्त समर्थन मुझे प्राप्त हो रहा है और राजनीति में अपने अब तक के सफर में युवा भागीदारी की अपनी प्रतिबद्धता मैंने पूरी ईमानदारी से निभाई भी है l हमारी पार्टी के द्वारा पर्याप्त संख्या में युवा प्रत्याशियों को मौका दिया जाना साफ तौर पर ये दर्शाता है कि हम युवाओं को साथ लेकर एक नए बिहार का निर्माण करने के लिए दृढ़ – संकल्प हैं l

आलोक कुमार :- क्या आपको बिहार में कहीं भी अपने प्रतिद्वंद्वी भाजपा के बहुप्रचारित “अच्छे दिन ” दिखते हैं ?

तेजस्वी यादव :- बिहार तो क्या मुझे तो पूरे देश में नहीं दिखता , पिछले डेढ़ सालों में ये साबित हो चुका है कि ये सिर्फ और सिर्फ एक जुमला था ,जिसके माध्यम से बिहार के साथ-साथ पूरे देश की जनता को ठगने का काम किया गया l

आलोक कुमार :- बिहार के विकास की आपकी परिकल्पना क्या है ?

तेजस्वी यादव :- बिहार की बेहतरी के लिए एक व्यापक सोच के साथ मैंने खुद के लिए कुछ लक्ष्य निर्धारित किए हैं , यहाँ मैं उसकी चर्चा करना चाहूँगा

· व्यवसायिक शिक्षा के संसाधनों एवं संरचनाओं का विकास

· ग्रामीण तथा शहरी युवाओं के बीच बढ़ती खाई को पाटने का प्रयास

· हाशिए पर खड़ी जनता और युवाओं को मुख्य धारा से जोड़ना

· युवा शक्ति को जागृति करने के लिए सुनियोजित युवा नीति

· समाजिक ताने-बाने को मजबूत बनाने में युवाओं की सकारात्मक भूमिका का निर्धारण

· व्यावहारिक शिक्षा नीति

· सामाजिक व आर्थिक विषमताओं का खात्मा

· श्रम एवं मेधा – शक्ति के पलायन का उन्मूलन

· कृषि , शिक्षा , जीवन –स्तर में सुधार और जनता को जागरूक बनाने के लिए तकनीक का इस्तेमाल

· जन –समस्याओं के उन्मूलन के लिए जनता की चौखट पर संवाद

· जनता से विमर्श के पश्चात विकास के नीतिगत निर्णयों का निर्धारण

· मादक एवं नशीले पदार्थों के सेवन से जनता , विशेषकर युवाओं, को बाहर निकालने के लिए जन-जागरण

· राघोपुर एवं प्रदेश के अन्य हिस्सों में खेल की विश्व-स्तरीय संरचनाओं का विकास

· शिक्षा और रोजगार – सृजन के माध्यम से महिला सशक्तिकरण

· किसान हित में कृषि उत्पादों के मूल्यों का निर्धारण

· कृषि उत्पादों की बिक्री में बिचौलियों की भूमिका का उन्मूलन

· योजनाओं में ग्रामीण विकास के सरोकारों को प्राथमिकता

· दलितों के हक – हकूक की रक्षा के लिए अभियान

· दलित अत्याचार उन्मूलन के लिए कठोर एवं चुस्त शासन-प्रशासन

· श्रमिक कल्याण के कार्यक्रमों का समुचित व जमीनी क्रियान्वयन

· सामाजिक न्याय एवं आर्थिक न्याय के साथ कल्याणकारी राज्य की संकल्पना

· कृषि आधारित उद्योगों का निर्माण

· राज्य में पूंजी – निवेश के नए प्रस्तावों के लिए अनुकूल माहौल का सृजन

· प्रदेश में पर्यटक सुविधाओं को दुरुस्त कर बिहार आने वाले पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी का लक्ष्य

· सामाजिक कल्याण एवं मानव-विकास सूचकांक में इजाफे का मिशन

· समकालीन समाज के मुताबिक पिछड़े लोगों को तकनीक एवं कौशल आधारित उद्यमों से जोड़ना

· ग्रामीण उत्पादों के प्रसंस्करण और विपणन की समुचित व्यवस्था

· स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर आम जनता को आत्मनिर्भर बनाने की योजना

· सूचना के अधिकार के तहत अपने अधिकारों की जानकारी और उसकी मांग करने का ग्रामीणों को प्रशिक्षण

· जन – चेतना के कार्यक्रमों के माध्यम से विखंडन की विचारधारा का उन्मूलन

· राजनीति में सक्रिय एवं सशक्त युवा भागीदारी के लिए युवाओं को प्रोत्साहन

· राजनीति के अपराधीकरण से मुक्ति एवं प्रजातांत्रिक कार्यप्रणाली की पारदर्शिता के लिए कृत-संकल्प

आलोक कुमार :- बिहार में महागठबंधन की सरकार अगर बनती है तो आपकी पार्टी कितने मंत्री पदों के लिए अपना दावा करेगी और क्या आप भी मंत्री-मण्डल में शामिल होंगे ?

उत्तर तेजस्वी यादव :- हमारे दल का प्रयास प्रदेश में एक जन-कल्याणकारी सरकार बनाने का होगा ना कि मंत्री – पद के लिए दबाब बनाने का l इस विषय पर विचार गठबंधन का शीर्ष – नेतृत्व करेगा , लालू जी करेंगे ….और अगर शीर्ष नेतृत्व का आदेश होगा तो मैं कोई भी जिम्मेवारी लेने से पीछे नहीं हटूँगा l

आलोक कुमार :- बिहार में आपके गठबंधन को कितनी सीटें मिलने की उम्मीद है ?

तेजस्वी यादव :- शत-प्रतिशत , 243 में से 243 l

आलोक कुमार :- आज बिहार का एक बड़ा इलाका नक्सल हिंसा का दंश झेल रहा है , बिहार की जनता को नक्सली हिंसा से निजात दिलाने और भटके हुए लोगों को मुख्य-धारा में वापस लाने के लिए क्या आपके , आपकी पार्टी या आपके गठबंधन के पास कोई एजेंडा है ?

तेजस्वी यादव :- बिल्कुल , हमारे पास सबसे मजबूत एजेंडा है , वह है शिक्षा का प्रसार और रोजगार सृजन , क्यूँकि जब समाज का हरेक तबका शिक्षित होगा , उसके पास रोजगार होगा तो उसे नक्सली बनाने में कोई कामयाब नहीं होगा और शिक्षित होने के कारण लोगों में भी भटकी हुई नक्सली विचारधारा के लिए कोई दिलचस्पी नहीं होगी l मेरा स्पष्ट तौर पर ये मानना है कि शिक्षा के बिना समाज का विकास नहीं किया जा सकता है और जब हर घर के लोग शिक्षित होंगे तो लोग बेरोजगार नहीं होंगे और जब लोग बेरोजगार नहीं होंगे तो वो नक्सली नहीं बनेंगे l मेरा पूर्ण विश्वास है कि शिक्षा के प्रचार-प्रसार से नक्सल समस्या को खत्म किया जा सकता है l इसके अलावा गाँवों का विकास , किसान-मजदूर के बीच श्रम का समुचित प्रतिफल एवं कृषि – उत्पादों के उचित मूल्य के माध्यम से दृढ़-प्रशासनिक इच्छा-शक्ति के साथ ऐसी किसी भी समस्या का समाधान सहजता से किया जा सकता है l

आलोक कुमार :- अपने व्यस्त कार्यक्रमों के बावजूद अपना बहुमूल्य समय देने के लिए आपका आभार एवं मेरी ओर से आपको शुभेच्छाएँ l

तेजस्वी यादव : धन्यवाद ….. मेरी ओर से भी आपको और आपकी पूरी टीम को शुभ-कामनाएँ l

आलोक कुमार

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