लेखक परिचय

सुरेश हिन्‍दुस्‍थानी

सुरेश हिन्‍दुस्‍थानी

स्वतंत्र वेब लेखक व ब्लॉगर

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modiसुरेश हिंदुस्थानी
देश में नरेन्द्र मोदी की सरकार ने बिना किसी राजनीतिक संकट के अपने कार्यकाल के दो वर्ष पूरे कर लिए हैं। कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दल भले ही मोदी सरकार को आड़े हाथ ले रहे हों, लेकिन केन्द्र सरकार को इस दो वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धि जनता के समक्ष रखना कोई नया खेल नहीं है। कांग्रेस की सरकारों ने भी पूर्व में ऐसा ही किया है, जिसमें अपनी सरकारों के पांच वर्षीय कार्यकाल में प्रत्येक वर्ष एक समारोह जैसा किया जाता था और देश की जनता के धन का दुरुपयोग किया जाता रहा है। मोदी सरकार ने वैसा कुछ भी नहीं किया, जैसा कांग्रेस की सरकार करती रही है। कांग्रेस के नेताओं को मोदी की आलोचना करने से पूर्व यह सोचना चाहिए कि नरेन्द्र मोदी की सरकार देश की जनता द्वारा चुनी गई पूर्ण बहुमत की सरकार है। और जैसा कि देश की कई सर्वे संस्थाओं ने कहा है कि भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने में मोदी सरकार ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। हम जानते हैं कि कांग्रेस शासन में किए जा रहे भ्रष्टाचार के कारण देश को अरबों का नुकसान हुआ, जो कम से कम वर्तमान सरकार के कार्यकाल में दिखाई नहीं दे रहा। यह देश के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है, लेकिन कांग्रेस के नेता यह बात मानने को तैयार ही नहीं हैं।
वास्तव में कांग्रेस वर्तमान में रचनात्मक भूमिका का निर्वाह करती दिखाई नहीं दे रही। वह तो केवल आपने आपको विरोध करने की भूमिका तक ही सीमित रख कर अपनी राजनीति कर रही है। कांग्रेस को चाहिए कि वह केवल अपने सिद्धांतों की ही राजनीति करे, नहीं तो विरोध करना ही कांग्रेस का स्वभाव बन जाएगा और फिर कांग्रेस जिस सिद्धांत की बात करती है, वह एक दिन हवा हो जाएंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो साल की सरकार की खास बात यह है कि इस छोटे से कार्यकाल में देश में भ्रष्टाचार के बड़े केन्द्रों पर ताला लगा है। पहली बार किसी सरकार ने छोटे-छोटे प्रयासों से भ्रष्टाचार के बड़े स्रोतों को बंजर किया है। वर्तमान केन्द्र सरकार ने रसोई गैस वितरण मामले में होने वाले भ्रष्टाचार को रोका है। हम जानते हैं कि पूर्व की सरकारों के कार्यकाल में रसोई गैस वितरण में भ्रष्टाचार का लंबा खेल चल रहा था। उस समय सरकार रसोई गैस पर दी जाने वाली सब्सिडी को सीधे कंपनियों को देती थी, उसके बाद कंपनी वाले अपनी मनमाने तरीके से रसोई गैस का वितरण करते थे। इसमें कई बार ऐसे भी खुलासे हुए कि कंपनी ने फर्जी कनेक्शन के माध्यम से इस छूट पर अपना अधिकार जमा लिया था। जिससे देश को हर साल देश को 15 हजार करोड़ का घाटा हो रहा था। लेकिन मोदी सरकार ने इस सब्सिडी को उपभोक्ताओं के खाते में देकर यह 15 हजार करोड़ रुपए बचाए हैं। इतना ही नहीं मोदी सरकार ने अपने कार्यकाल में लगभग डेढ़ करोड़ फर्जी गैस कनेक्शन को रद किए हैं। एलपीजी सब्सिडी छोडऩे की प्रधानमंत्री की स्वैच्छिक अपील के चलते करीब 1.13 करोड़ लोगों ने गैस सब्सिडी छोड़ दी। ऐसे ही मोदी सरकार ने निचले वर्ग की नौकरियों में साक्षात्कार को खत्म कर भ्रष्टाचार को रोका है।
देश में बड़े सुधारों के लिए नीति निर्धारकों की नीयत साफ होना सबसे अहम मुद्दा है। इसके अलावा कानून का सख्ती से पालन करने की जवाबदेही भी सरकार की जिम्मेदारी है, सरकार के काम में जितनी पारदर्शिता होगी, सुधार के कार्यक्रम उतनी ही मजबूती के साथ दिखाई देंगे। वर्तमान सरकार के कामकाज में जहां पारदर्शिता का प्रदर्शन है तो वहीं प्रशासनिक संकल्प भी दिखाई देता है। इन्हीं कारणों से भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई जा सकती है। इसके विपरीत कांगे्रस के शासनकाल में इन सभी बातों का अभाव स्पष्ट दिखाई देता था, जिसके कारण कांग्रेस के कार्यकाल में भ्रष्टाचार पर अंकुश नहीं लग पाया। कांग्रेस ने भी तमाम नियम कानून बनाए, लेकिन धरातल पर उनका क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा था। किसी भी कानून के क्रियान्वयन के लिए शासक का कठोर होना बहुत जरूरी है। कांग्रेस की सरकार की बलिदान भी भ्रष्टाचार के कारण ही हुआ। मोदी सरकार इस मामले में अभी तक निष्कलंक है।
कहते हैं कि जब शासक की नीयत खराब हो तो देश की स्थिति नहीं सुधारी जा सकती। और जब शासक करने वाला दल सरकार का उपयोग अपने स्वयं के हित में करने लगे तो देश की जनता का उद्धार नहीं किया जा सकता। वर्तमान में नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में संचालित हो रही मोदी सरकार के बारे में भले ही विरोधी दल तमाम प्रकार के आरोप लगा रहे हों, लेकिन एक बात तो साफ है कि देश में नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छ प्रशासन देने के वादे की कल्पना को साकार रूप दिया है। हमारे देश की सरकारों के बारे में प्राय: आम धारणा बनती जा रही थी कि सरकारों के बलबूते पर देश और जनता का उद्धार नहीं हो सकता है। आज नरेन्द्र मोदी की सरकार ने इस इस प्रचलित धारणा को समूल नष्ट किया है। केन्द्र सरकार के मंत्रियों के बारे में आज राजनीतिक विरोध कितना भी किया जाए, लेकिन वे भी इस सत्य को जानते हैं कि नरेन्द्र मोदी ने देश का नाम विश्व पटल इतना ऊंचा कर दिया, जिसकी कल्पना करना तक एक समय में मुश्किल लगता था।
वर्तमान में तमाम विरोधी दल केवल सत्ता की छटपटाहट के लिए मोदी सरकार पर निशाना साध रहे हों, लेकिन उन निशानों में कितनी सच्चाई है, यह वह भी जानते हैं। पूर्व की कांग्रेस की सरकारों ने भारत की जनता को कभी भी यह सोचने का अवसर नहीं दिया कि यह भारत की सरकार है और उनका प्रत्येक काम भारत के उत्थान के लिए ही समर्पित है। उस समय के प्रधानमंत्री जब भी किसी अन्य देश की यात्रा पर जाते थे तो उस समय भारत पीछे की कतार में खड़ा दिखाई देता था। इसके विपरीत वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विदेश यात्राओं में भारत की स्थिति देखने से पता चलता है कि हमारा देश किसी भी मामले में किसी भी देश से पीछे नहीं हैं।
कांग्रेस के नेताओं के बयानों से लगता है कि उन्होंने केवल राजा बनने के लिए ही जन्म लिया है, लेकिन वह इस बात को भूल गए कि देश को जब से स्वतंत्रता मिली है, तब से राजाओं का जमाना चला गया है। आज देश में लोकतंत्र है, और लोकतंत्र की सही परिभाषा पर कांग्रेस की सरकारों ने कभी भी कोई काम नहीं किया। कांग्रेस ने सत्ता का दुरुपयोग करके जो तुष्टीकरण का खेल खेला, उससे देश का एक वर्ग बहुत पीछे रह गया, उसे प्रगति के रास्ते पर आगे बढऩे से हमेशा रोका गया। इसके अलावा गरीबों के साथ भी कांग्रेस ने यही खेल खेला। देश में गरीब हमेशा ही गरीब ही रहा और सत्ता केन्द्रित व्यक्ति भ्रष्टाचार के तालाब में गोते लगाकर अपने परिवार के लिए धन जुटाने में लगा रहा। देश के कई राजनेताओं के पास आज जो धन दिखाई देता है, वह देश की जनता की गाढ़ी कमाई का हिस्सा है। हमारे देश में एक कहावत है कि अनीति से कमाया हुआ कभी भी खुशी नहीं दे सकता। इस प्रकार के धन परिवार की बर्बादी का कारण बनते हैं। कहा जाता है कि एक गरीब की हाय किसी को तबाह कर सकती है, तब कांग्रेस पर तो न जाने कितने गरीबों की हाय लगी होगी। आज कांग्रेस जो कुछ भी कर रही है, वह देश की जनता को गुमराह करने का एक ऐसा नाटक है, जो देश की जनता को वास्तविकता से अलग कर रही है। जहां तक काले धन का सवाल है तो यह सरकार की असफलता नहीं मानी जा सकती, क्योंकि काला धन लाना किसी के घर पर डाका डालने जैसा ही कृत्य है। कांग्रेस भी इस सत्य को भली भांति जानती है कि उसके शासन काल में जमा किया कालाधन आसानी से भारत नहीं आ सकता। फिर भी वह उसको मुद्दा बनाकर राजनीति कर रही है। कांग्रेस को संभवत: यह नहीं मालूम कि वर्तमान में देश की जनता भी इस सत्य को जान चुकी है कि कांग्रेस देश के विकास में बहुत बड़ी अवरोध है। आज नरेन्द्र मोदी के कदमों को रोकने की राजनीति की जा रही है। मेरा कांग्रेस से सवाल है कि नरेन्द्र मोदी की सरकार को पहले काम तो करने दीजिए, फिर उस काम का परिणाम देखिए।
आज देश के सामने इस बात की आशा जागी है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। विरोधी राजनीतिक दलों की सबसे बड़ी कमजोरी यही है कि मोदी ने अगर भारत को भ्रष्टाचार मुक्त कर दिया तो उनकी भ्रष्टाचार की दुकानदारी बंद हो जाएगी। क्योंकि कांग्रेस ने हमेशा ही व्यक्तिगत हित की राजनीति की है और नरेन्द्र मोदी देश हित की राजनीति कर रहे हैं। आज देश इस बात को समझने लगा है कि व्यक्तिगत स्वार्थों की पूर्ति करने वाली राजनीति ने देश को बहुत पीछे कर दिया है। हमने इन साठ वर्षों में जितना पाया है, उससे ज्यादा खोया भी है। जहां तक कांग्रेस द्वारा कराए गए कामों का सवाल है तो यह कहना भी तर्क संगत होगा कि कांग्रेस ने जो भी काम कराए हैं, उनमें भी अपना स्वार्थ देखा। कोयला घोटाला और टेलीकाम घोटाला जैसे अनेक उदाहरण हमारे सामने हैं। लेकिन यह भी सत्य है कि जो भी काम कांग्रेस की सराकारों ने कराए हैं, वह देश की जनता के पैसे से कराए हैं। यह काम कांग्रेस के निजी पैसे से नहीं हुए। देश की जनता के धन से कराए गए काम कांग्रेस की उपलब्धि कतई नहीं माने जा सकते।
अगर केन्द्र सरकार के काम काज का अध्ययन किया जाए तो नरेन्द्र मोदी की सरकार देश हित के लिए कई काम कर रही है। यह बात सही है कि अभी इसका प्रभाव भले ही दिखाई नहीं दे रहा हो, लेकिन जैसे जैसे समय निकलेगा, इसका प्रभाव दिखाई देगा और भारत अपने उत्थान के रास्ते पर जाता हुआ दिखाई देगा। अभी तो सरकार को केवल दो वर्ष ही हुआ है, जैसे ही समय निकलेगा, चित्र बदलता ही जाएगा। हमें यह देखना है कि विरोधी दल भी खूब विरोध करेंगे, लेकिन हमें देश हित को ध्यान में रखकर इन गुमराह करने वाले बयानों से दूर ही रहना है।

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