लेखक परिचय

गिरीश पंकज

गिरीश पंकज

सुप्रसिद्ध साहित्‍यकार गिरीशजी साहित्य अकादेमी, दिल्ली के सदस्य रहे हैं। वर्तमान में, रायपुर (छत्तीसगढ़) से निकलने वाली साहित्यिक पत्रिका 'सद्भावना दर्पण' के संपादक हैं।

Posted On by &filed under गजल.


shyam rudra pathak

राष्ट्र भाषा हिन्दी के सम्मान के लिये आन्दोलन करने वाले श्याम रूद्र पाठक के साथ पुलिस ने लगातार अभद्रता की पुलिसिया हरकत बताती हैकि इस देश में लोक तंत्र की असलियत क्या है. लोकतंत्र के पतन पर एक ग़ज़ल पेश है .

कौन कहता है मेरी सरकार है इस देश में
आम है जो आदमी लाचार है इस देश में

जीतने का जश्न अब शातिर मानते हैं यहाँ
जो हैं सच्चे उनकी केवल हार है इस देश में

जिसने बोला सत्य उसको जेल में ठूंसा गया
इस तरह जनता पे यह उपकार है देश में

काट लेती है जुबां कुर्सी अगर सच बोलिए
किनको अब जम्हूरियत से प्यार है इस देश में

अपनी भाषा और अपनी आन को लड़ते रहे
उनके हिस्से लाठियों की मार है इस देश में

नेता, अफसर और अपनी ये पुलिस अपनी कहाँ
सारा सिस्टम आजकल बीमार है इस देश में

क्रांतिकारी लोग थे उनको मिले अब गालियाँ
ऐसे लोगों की तो अब भरमार है इस देश में

जिसको हम नायक समझते थे वही पापी मिला
अब शरीफों का ही बंटाढार  है इस देश में

थी गुलामी तब तो बाहर के लुटेरे थे यहाँ
जो था अपना अब वही गद्दार है इस देश में

देश जैसे चल रही दूकान कोई सेठ की
हम कदम पर लूट का बाज़ार है इस देश में

गिरीश पंकज

 

Leave a Reply

2 Comments on "अपनी भाषा और अपनी आन को लड़ते रहे उनके हिस्से लाठियों की मार है इस देश में ?"

Notify of
avatar
Sort by:   newest | oldest | most voted
Javed Usmani
Guest

सही कहना है , लोकतंत्र में जन भावना की उपेक्षा करके एक विदेशी भाषा को महिमामंडित करना अबूझ पहेली है ,

डॉ. मधुसूदन
Guest
~~गांधी जी के भाषा विषयक विचार। (१) हिन्दुस्थान की आम भाषा अंग्रेजी नहीं पर हिन्दी है। प्रश्न: क्या गांधी जी ने, अंग्रेजों को भी हिंदी सीखने के लिए कहा था ? उत्तर: जी हाँ। गांधी जी ने शासक अंग्रेजो को, कहा था. कि …..”हिन्दुस्थान की आम भाषा अंग्रेजी नहीं बल्कि हिंन्दी है। वह आप को (अंग्रेज शासकों को) सीखनी होगी और हम तो, आप के साथ अपनी भाषा में ही व्यवहार करेंगे।……” (२) हिन्दुस्थान को गुलाम बनाने वाले अंग्रेजी जानने वाले भारतीय लोग ही हैं। प्रश्न: गांधी जी, ”हिंद स्वराज” में अंग्रेज़ी के लिए क्या लिखते हैं? उत्तर: …..गांधी जी… Read more »
wpDiscuz