लेखक परिचय

शादाब जाफर 'शादाब'

शादाब जाफर 'शादाब'

लेखक स्‍वतंत्र टिप्‍पणीकार हैं।

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बॉलीवुड की यह एक अच्छी पहल है कि वो गांवो की ओर लौट चला है वही दूसरी ओर ग्लैमर और स्टार इमेज व भागदौड भरी जिन्दगी के कारण बॉलीवुड स्टार कार को छोड अब हेलीकॉप्टर पर सवार हो गये है। पिछले दिनो ग्रामीण क्षेत्रो में किसानो की बढती आत्महत्या, अंतरजातीय विवाह या अन्य धर्म में शादी करने वाले जोडो को इज्जत की खातिर मौत देने (ऑनर किलिंग) और क्षेत्रीय समस्याओ जैसे विषयो को बॉलीवुड में प्रमुखता दी। छोटे बजट की इन फिल्मो में बडे बडे फिल्मी सितारे भले ही न हो लेकिन दशर्को ने इन फिल्मो को सराहा है। आमिर खान की पीपली लाइव इस का सब से बडा उदाहरण है नॉन फिल्मी कलाकारो ने वो रंग जमाया की फिल्म ऑस्कर तक पहुची भले ही इस फिल्म को ऑस्कर नही मिला पर जिस प्रकार किसानो की आत्महत्यो को इस फिल्म में व्यंग्यात्मक रूप में दिखाया गया उस का जादू दशर्को के सिर चढ़कर बोला।

सत्तर, बहत्तर के फिल्मी दौर को कौन भूल सकता है हिन्दी सिनेमा के इस दौर को अधिकतर लोग गोल्डन दौर कहते है क्यो की सत्तर, बहत्तर के दौर में बॉलीवुड ने हिन्दी सिनेमा को एक से बढ़कर एक खूबसूरत फिल्मे दी। राजेश खन्ना, अमिताभ बच्चन, धर्मद्र, जितेंद्र्र, शशी कपूर, ऋृषी कपूर, फिरोज खान, राजेंद्र कुमार, सुनील दत्त, रारजकुमार आदि जैसे दिग्गज फिल्मी कलाकार हिन्दी सिनेमा के चित्रपट पर छाये हुए थे। पुराने दौर के फिल्मी सितारो में आज के फिल्मी सितारो की तरह बनावट नही थी और न ही इतना पैसा था इन में से ज्यादातर कलाकार पैदल, रिक्शा या फिर कार द्वारा शूटिंग पर चले जाते थे। पर आज जहॉ फिल्मी सितारो के पास अकूत सम्पत्ती है वही ग्लैमर भी भरपूर है। पैदल या रिक्शा में चलना तो दूर अब कार का इस्तेमाल ज्यादातर फिल्मी स्टारो की शान के खिलाफ हो गया है। शूटिंग पर जाने के लिये ये लोग अब सडक़ मार्ग के बजाये हवाई मार्ग का सहारा ले रहे है। दरअसल बालीवुड स्टार्स को हेलीकॉप्टर सेवा देने संबंधी परम्परा का आगाज सब से पहले जाने माने फिल्म निर्देशक आशुतोष गोवारिकर ने अपनी फिल्म ”जोधा अकबर’’ की शूटिंग के दौरान रितिक रोशन को मुम्बई से करजत पहुॅने के लिये ये सुविधा प्रदान कर रखी थी। आशुतोष गोवारिकर और रितिक के इस ट्रेड ने मानो सितारो की चाल ही बदल दी और अक्षय को भी फिल्म ”एक्शन रिप्ले’’ के लिये यह सुविधा प्रदान की गई और मुम्बई से 65 किलोमीटर दूर करजत में ”एक्शन रीप्ले’’ की शूटिंग के लिये अक्षय कुमार ने कभी भी कार का इस्तेमाल नही किया वो रोजाना हेलीकॉप्टर द्वारा शूटिंग के लिये सेट पर पहुॅचते थे जिस कारण बेचारे फिल्म निर्मोता 75,000 रूपये प्रतिदिन का अतिरिक्त बोझ सहते रहे।

फिल्मो सितारो और कुछ बडे फिल्म निर्मोताओ का इस हेलीकॉप्टर सेवा देने संबंधी परम्परा पर तर्क ये है कि आज मुम्बई में ट्रैफिक का जो हाल है उसे देखते हुए हेलीकॉप्टरो का इस्तेमाल स्टार्स के लिये गलत नही है। कार द्वारा सितारो के शूटिंग के लिये स्टूडियो आने जाने में ट्रैफिक जाम होने पर या अन्य वजह से जो वक्त बर्बाद होता है इस लिहाज से देखा जाये तो हेलीकॉप्टरो का इस्तेमाल स्टार्स के लिये गलत नही है। यह सौदा प्रोडयूसर के लिये घाटे का सौदा भी नही कहा जा सकता क्यो की आज ये वक्त की मॉग है। मुम्बई की भीड भाड और दूर दूर फिल्म स्टूडियो होने व एक एक कलाकार द्वारा एक दिन में तीन से चार फिल्मो की शूटिंग करने के कारण समय पर पहुॅचना बहुत मुश्किल हो गया है। गोरे गांव स्थित फिल्म सिटी स्टूडियो, कमालिस्तान स्टूडियो, नितिन देसाई स्टूडियो जैसे कई नामचीन स्टूडियोज ने अपना अपना हेलीपैड स्टूडियो में ही अना लिया है वही कुछ स्टूडियो मालिक हेलीपैड बनाने की तैयारी में लगे है। ये ही नही हेलीकॉप्टर सेवाए देने वाली कंपनियां भी फिल्मी सितारो के इस नये फंडे का फायदा उठाने के लिये फिल्म प्रोड्रसरो को नये नये आकर्षक आफॅर दे रही है। आज फिल्म स्टारो को लेकर हेलीकॉप्टर मुम्बई के विभिन्न इलाको समेत पुणे, लोनावाला, और करजत के लिये रोज इधर से उधर उडान भर रहे है। नतीजन कुछ फिल्म निर्मोताओ की अन्टी हल्की होने लगी है। अमूमन फिल्मी सितारो की इन हवाई यात्राओ पर प्रतिदिन 75000 से एक लाख रूपये तक का खर्च आ रहा है पर अमिताभ बच्चन, आमिर खान, शाहरूख खान, रितिक रोशन, और अक्षय कुमार जैसे दिग्गज अभिनेता इन खर्चा से बेखबर होकर फिल्म निर्मोताओ द्वारा स्टार्स को दी जा रही हेलीकॉप्टर सेवा का जमकर लाभ उठा रहे है।

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