लेखक परिचय

श्रीराम तिवारी

श्रीराम तिवारी

लेखक जनवादी साहित्यकार, ट्रेड यूनियन संगठक एवं वामपंथी कार्यकर्ता हैं। पता: १४- डी /एस-४, स्कीम -७८, {अरण्य} विजयनगर, इंदौर, एम. पी.

Posted On by &filed under कविता.


जिसने  कहा था ‘हम  लड़ेंगे हिंदुस्तान से-

एक हजार साल तक’

जो -भारत पाकिस्तान को लड़ाकर ,

पाकिस्तान के दो टुकड़े करवाकर ,

लाखों बंगला देशियों  को मरवाकर ,

लाखों  पाकिस्तानियों को सरेंडर करवाकर ,

भारत -पाकिस्तान  में दुनिया के हथियार खपवाकर ,

हो  गया जो जन्नत नशीन ,

वो जुल्फिकार अली भुट्टो  भी उतना जाहिल नहीं था।

जितने ये वहशी दरिंदे हमलावर ,

धर्मान्धता की चुटकी भर अफीम खाकर ,

कारगिल -कश्मीर में छिपकर ,

अपने आकाओं के पेशाब से –

जला रहे हैं चिराग ‘जेहाद’ के।

ये  आदमखोर  जाहिल – जिन्न  हैं ,

इन्हें  हर बक्त काम   चाहिए ,

उनकी घटिया शर्त है कि उस काम में लहू होना चाहिए।

कभी  मुंबई ,कभी बेंगलुरु ,कभी  कोलकाता ,

कभी कराची ,लाहौर बाघा सीमा पर ,

कभी स्वात घाटी -पाकिस्तान में ,

मलाला का सर चाहिए।

उन्हें -कभी क्रिकेटरों के ,कभी पत्रकारों के ,

कभी मानव अधिकार कार्यकर्तोंओं  के ,

कभी सीमाओं  पर भारतीय जवानों के शीश चाहिए।

अमन के इन नापाक  विध्वंशकों  को ,

इंसानियत के दुश्मनों को ,

केवल भारत की बर्बादी से संतोष नहीं ,

उन्हें  तो पाकिस्तान के नौनिहालों का  भी लहू चाहिए।

श्रीराम तिवारी

Leave a Reply

3 Comments on "उन्हें तो पाकिस्तान के नौनिहालों का भी लहू चाहिए।"

Notify of
avatar
Sort by:   newest | oldest | most voted
इक़बाल हिंदुस्तानी
Guest

जब ये कहा जाता है कि प्यार और जंग में सब जायज़ है तो पेशावर में तालिबान ने बच्चों को मारकर अपनी दुश्मन पाक सेना को धमकाया है कि उसके खिलाफ कार्येवाही जारी रही तो वो इस हैवानियत पर भी उत्तर सकता है। अब हो सकता है पाक सेना तालिबान के खिलाफ आर पार की लड़ाई शुरू करे।
वैसे आज भारत के उन लोगों का भी कलेजा मुंह को आ रहा है जिन पर दंगों में इस से भी ज़्यादा हैवानियत दिखाने का आरोप है।

Anil Gupta
Guest
पिछले दिनों इराक में ISIS द्वारा यज़ीदियों के जघन्य हत्या की कुछ फोटो फेसबुक पर देख रहा था. उनमे एक फोटो में एक अबोध यज़ीदी बालक का शव दिखाया गया था जिसका बड़ी बेरहमी से क़त्ल करने के बाद भेजा निकाल कर ISIS के जंगजुओं ने खा लिया था.ये वास्तव में स्वयं को नर-पिशाच साबित कर रहे हैं.आश्चर्य है कि देश के मानवाधिकारवादियों और जनवादियों में से किसी ने इस प्रकार कि घटनाओं के विरुद्ध आवाज़ नहीं उठाई है.मरने वालों में लाखों की संख्या में तो मुस्लिम ही हैं.ये अलग बात है कि वो शिया या कुर्द हैं.लेकिन चूँकि मारने… Read more »
abhaydev
Guest

sansar ko Arya Banao.

wpDiscuz