लेखक परिचय

विकास कुमार

विकास कुमार

मेरा नाम विकास कुमार है. गाँव-घर में लोग विक्की भी कहते है. मूलत: बिहार से हूँ. बारहवीं तक की पढ़ाई बिहार से करने के बाद दिल्ली में छलाँग लगाया. आरंभ में कुछ दिन पढ़ाया और फिर खूब मन लगाकर पढ़ाई किया. पत्रकार बन गया. आगे की भी पढ़ाई जारी है, बिना किसी ब्रेक के. भावुक हूँ और मेहनती भी. जो मन करता है लिख देता हूँ और जिसमे मन नहीं लगता उसे भी पढ़ना पड़ता है. रिपोर्ट लिखता हूँ. मगर अभी टीवी पर नहीं दिखता हूँ. बहुत उत्सुक हूँ टेलीविज़न पर दिखने को. विश्वास है जल्दी दिखूंगा. अपने बारे में व्यक्ति खुद से बहुत कुछ लिख सकता है, मगर शायद इतना काफ़ी है, मुझे जानने .के लिए! धन्यवाद!

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विकास कुमार

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में मायावती ने चौथी बार 13 मई 2007 को 1 बजकर40 मिनट पर शपथ ग्रहण की थी ! पिछले तीन बार शासन कर चुकी यह सरकार जब चौथी बार फिर सत्ता में आई तब उत्तर प्रदेश का वह चेहरा साफ साफ झलक रहा था जिसमे मायावती की सरकार का मेकप चढ़ा हुआ था ! उनके शासन प्रणाली में निखार तो तब आया जब चौथी बार मुख्यमंत्री बनने के तुरंत बाद ही जनहित में कई घोषनाए हुई! उनमे से सामाजिक न्याय की प्राप्ति तथा समाज के कमजोर वर्ग के लिए पैसे बाँटने के बाजए रोजगार मुहैया कराने पर विशेष बल दिया गया! इस क्रम में “उत्तर प्रदेश” को “उत्तम प्रदेश” में बदल देने की इच्छा मायावती ने जाहिर की! मगर मायावती सरकार शुरू -शुरू में जिन लक्ष्यों को लेकर आगे बढ़ी थी उसने उनका साथ साल 2009के लोकसभा चुनाव में लगभग छूटता दिखाई दिया! बहुजन समाज पार्टी ने उत्तर प्रदेश लोकसभा में संभावित 35 सीटों में से मात्र20 सीटें ही हासिल कर पाई! लोकसभा चुनाव का यह नतीजा साबित कर रहा था की मायावती सरकार का मेकप उत्तर प्रदेश के चेहरे से उतरना शुरू हो गया है! साल2003 में ताज कोरिडोर केस के मामले में मुख्यमंत्री मायावती के घर पर पड़ने वाला सीबीआई का छापा उनके शासन प्रणाली में होने वाला पहला सुराख़ था! बाद में करीब2000 करोड़ रुपये खर्च कर मायावती ने भीमराव अम्बेडकर, साहूजी जी महाराज ,कांशीराम , गौतम बुद्ध और अपनी मूर्तियों और पार्क का निर्माण करवाया! बाद में मायावती सरकार की तरफ से इन पार्कों और मूर्तियों की सुरक्षा के लिए फरवरी 2010 में विशेष सुरक्षा बल के गठन का आदेश दिया गया! इन सारी बातों से आपको अवगत कराने के पीछे मूल मकसद सरकार के उस चेहरे से परिचित कराना है, जिसने आम जनता और दलितों के लिए नारा लगाया था की “तिलक , तराजू और तलवार , इनको मरो जूते चार”

इस सरकार का शौक केवल यही तक सिमित नहीं है, आपको याद होगा की मायावती के पिछले जन्मदिन को उनके समर्थकों ने जन्कल्यानकारी दिवस के रूप में घोषित किया था! यह जनकल्यानी दिवस जनमानस के हित में कितना कल्याणकारी हुआ वह आगे की कुछ घटनाओं से साबित हो जायेगा! दलितों और गरीबों की सरकार का साल 2007-2008 में26 करोड़ रुपये केवल टैक्स भरना उनके इतना ज्यादा अमीर होने पर सवालिया निशान लगाता है जिसका परिणाम हुआ कि सीबीआई ने मायावती के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर इतने बड़े रकम का हिसाब मांगना शुरू कर दिया!

उत्तर प्रदेश की जनता जो कभी नारे लगाया करती थी “बहनजी तुम संघर्ष करो हम तुम्हारे साथ है” आज परिस्थितियों से खुद संघर्ष करती नजर आ रही है! मायावती के शासन काल में अफसरसाही और खाकी वर्दी का धौंस अपनी सीमा लाँघ चूका है! खुलेआम पुलिस द्वारा महिलाओं का रेप किया जा रहा है! बहुजन समाज पार्टी के48 वर्षीया विधायक पुरुषोत्तम नरेश के घर पर दलित लड़की का रेप हो रहा है! ये सारी हाल की घटित कुछ घटनाये है! पिछले एक दो सालों में उत्तर प्रदेश में इस तरह की कई घटनाये सामने आई है!

गौरतलब है कि मायावती शासन काल में जब दलित लड़की की बलात्कार हो रही है, उसकी पिटाई हो रही है , तो दूसरे लोगो के लिए कैसे सुरक्षा का विश्वास किया जा सकता है! मायावती के शासन का यह शौक उत्तर प्रदेश को पूरे देश में हो रहे महिलाओ पर अपराध का 10% भागीदार बना दिया है! अभी हाल ही में औरहैया जिला के दौरे पर आई मुख्यमंत्री की जूती को अपने रूमाल से साफ कर रिटायर्ड पूर्व पुलिस अधिकारी (जो की अभी उनकी खास सुरक्षा गार्ड है) ने मिडिया के सामने मायावती के छुपे हुए इस शौक का भी पर्दाफाश कर दिया है! ऐसा प्रतीत होता है कि अगर मायावती सरकार शासन के ऐसे शौक को त्याग कर गंभीर और शख्त नहीं होती है तो आने वाला विधानसभा चुनाव में जनता द्वारा दिए जाने वाले शॉक(shock)के लिए तैयार रहना पड़ेगा!

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