लेखक परिचय

बीनू भटनागर

बीनू भटनागर

मनोविज्ञान में एमए की डिग्री हासिल करनेवाली व हिन्दी में रुचि रखने वाली बीनू जी ने रचनात्मक लेखन जीवन में बहुत देर से आरंभ किया, 52 वर्ष की उम्र के बाद कुछ पत्रिकाओं मे जैसे सरिता, गृहलक्ष्मी, जान्हवी और माधुरी सहित कुछ ग़ैर व्यवसायी पत्रिकाओं मे कई कवितायें और लेख प्रकाशित हो चुके हैं। लेखों के विषय सामाजिक, सांसकृतिक, मनोवैज्ञानिक, सामयिक, साहित्यिक धार्मिक, अंधविश्वास और आध्यात्मिकता से जुडे हैं।

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shalgamइस अचार मे मूली भी कुछ लोग डालते हैं।

सामग्री– 1 किलो शलजम, 500 ग्राम गाजर,500 ग्राम गोभी, 500 ग्राम प्याज़,15-20 कलियाँ लहसुन की, राई 100 ग्राम, अमचूर 100 ग्राम, हल्दी 50 ग्राम, लाल मिर्च 100 ग्राम, नमक 100 ग्राम, सिरका 250 मि.लि. सरसों कातेल 250 मि. लि.गुड़ 400ग्राम।

विधि-एक काँच के बर्तन मे सिरके मे गुड़ भिगो कर रख दें कुछ घन्टों मे गुड़ घुल जायेगा।

गाजर और शलजम को छील कर छोटे टुकड़े काट लें गोभी भी काटलें मूली डालना चाहें तो वह भी छील कर काट लें। सब सब्जियाँ धोकर उबाल लें , उबाल आते ही गैस बन्द करके, ढक दें।2 मिनट बाद सारा पानी निकाल कर छलनी मे रख दें।कुछ देर बाद छाया मे सूती कपड़े पर पंखे के नीचे 4 घन्टे सूखने दें। पंखा न चलायें तो रात भर सूखने दें।

प्याज़ और लहसुन पीस लें। सरसों का तेल बड़े पतीले मे तेज़ गर्म करें, उसमे पिसा प्याज़ लहसुन डालकर भूने, मिर्च और हल्दी भी डाल दें। जब तक तेल मसाले से अलग होने लगे तब तक भूने। ठंडा होने पर सब्जियाँ नमक और राई पिसी हुई मिला दें।

एक दिन बाद सिरके और गुड़ का घोल भी मिला दें। बरनी मे भर दें। यह अचार तैयार होने मे कम से कम 3 सप्ताह का समय लगता है।

 

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1 Comment on "शलजम, गाजर और गोभी का अचार"

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PRAN SHARMA
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शलजम, गोभी और गाजर का अचार देख कर ही मुंह में पानी आ गया है . अवश्य ही
बनायेंगे .

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