लेखक परिचय

प्रवक्‍ता ब्यूरो

प्रवक्‍ता ब्यूरो

Posted On by &filed under राजनीति.


jagdishसंभवतः ऐसा पहली बार हुआ है, जब कांग्रेसियों ने अपने घोषित उम्मीदवार की उम्मीदवारी निरस्त कर दी। जगदीस टाइटलर और सज्जन कुमार को राजधानी से उम्मीदवार बनाया था। दिल्ली में सन 1984 के सिख विरोधी दंगों में तथाकथित विवादास्पद भूमिका के मद्देनजर दिल्ली व पंजाब में दोनों नेताओ का भारी विरोध हुआ। जनता के इस विरोध की वजह से कांग्रेस हाई कमान को दोनों की उम्मीदवारी निरस्त करनी पड़ी। यह घटना दूर तक असर डालने वाली है।

इससे पहले सन् 1989 में भागलपुर दंगे के बाद शहर के लोगों ने कांग्रेस के तात्कालिक नेता व सांसद भागवत झा आजाद को उक्त स्थान से टिकट न देने की अपील की थी। लेकिन, आजाद वहां से खड़े हुए और जनता ने उन्हें हरा दिया। इसके बाद कांग्रेस इस इलाके में अब तक अपना जनाधार मजबूत नहीं कर पाई है। हालांकि, तब इस घटना से कांग्रेस ने कोई सबक नहीं लिया था।

इन दोनों उम्मीदवारों की उम्मीदवारी निरस्त होने के बाद कांग्रेस महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने घोषणा की कि कांग्रेस ने अपनी परम्परा का पालन करते हुए तय किया है कि टाइटलर और सज्जन कुमार अब लोकसभा का चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि लोगों के मन में किसी तरह का भ्रम न हो इसलिए नेतृत्व ने यह निर्णय लिया है।

उन्होंने कहा कि इससे पहेल ही दोनों नेताओं ने चुनाव न लड़ने की अपनी मंशा से कांग्रेस नेतृत्व को अवगत करा दिया था।

टाइटलर ने भी संवाददाताओं से बातचीत में स्पष्ट कर दिया था कि उन्होंने अपनी उम्मीदवारी के बारे में फैसला पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी पर छोड़ दिया है।

इससे पहले, सिखों के भारी विरोध प्रदर्शन के बीच राजधानी की एक अदालत ने टाइटलर के मामले की सुनवाई 28 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दी थी। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने टाइटलर को क्लीन चिट देते हुए पिछले सप्ताह मामला बंद करने के लिए अदालत में रिपोर्ट दाखिल की थी।

Leave a Reply

Be the First to Comment!

Notify of
avatar
wpDiscuz