लेखक परिचय

डा.राज सक्सेना

डा.राज सक्सेना

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uttrakhandडा. राज सक्सेना 

 

पग-पग पर पावन नवगंगा,

कण – कण  देव समान है |

हरित हिमालय से संपूरित ,

उत्तराखण्ड       महान   है |

 

गौरवमय गिरिराज, गोमुखी-

गंगा    का    श्री-द्वार  है  |

शिवसमसुन्दर,श्रेष्टसुसज्जित,

कनखलमय ,  हरिद्वार है |

 

सांध्यआरती गंगा-तट  की,

पुलकित, पुण्य  प्रमाण है |

हरितहिमालय से संपूरित ,

उत्तराखण्ड       महान   है |

 

इन्द्र-लोक  के देव सदा से,

लालायित  हैं,  रहें  जहां |

ऋषि-केशों सी गंग-धार से,

परिपूरित ऋषिकेश  यहाँ  |

 

चार-धाम का, मूल यहीं से,

श्री – मय क्षेत्र   सुजान है

हरितहिमालय से संपूरित,

उत्तराखण्ड      महान   है |

 

यमुनोत्री, गंगोत्री-गोमुख,

पावन जल, निष्काम हैं |

बद्री संग केदार पुण्यमय,

निश्चित   चारों   धाम हैं |

 

पापविनाशक,मुक्ति प्रदाता,

हर  पत्थर   भगवान है |

हरितहिमालय से संपूरित ,

उत्तराखण्ड      महान   है |

 

हर चोटी पर, हर मन्दिर में,

ईश्वर  का   आवास  है |

भारत की इस,स्वर्णधरा में ,

गौरव,  क्षणिक  प्रवास है |

 

आख्यानों से  भरा पड़ा है,

सदियों    से  श्रुतिवान है |

हरित हिमालय से संपूरित ,

उत्तराखण्ड      महान   है |

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1 Comment on "उत्तराखण्ड महान है |"

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डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
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बहुत सुन्दर और भावप्रणव प्रस्तुति।

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