लेखक परिचय

तुषार रस्तोगी

तुषार रस्तोगी

स्वतंत्र लेखक व् कवि

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lifeजीवन, प्रभु की लिखी सुन्दर कविता है

जीवन, ख़ुद के लिए स्वयं लिखी गीता है

 

जीवन, गर्मी की रात में आती कपकपी है

जीवन, मुश्किलातों में मिलती थपथपी है

 

जीवन, कानों के बीच का अंतरिक्ष है

जीवन, गालों के बीच खिलता वृक्ष है

 

जीवन, गीत है जिसे हर कोई सुनता है

जीवन, सपना है जो हर कोई बुनता है

 

जीवन, मधुर यादों का बहता झरना है

जीवन, प्यारी बातों को जेब में भरना है

 

जीवन, अपनों से जी भर कर लड़ना है

जीवन, सही के लिए ग़लत से भिड़ना है

 

जीवन, झूठमूठ का रूठना – मानना है

जीवन, ज़्यादा सा खोना ज़रा सा पाना है

 

जीवन, स्थान है जिसे सिर्फ आप जानते हैं

जीवन, ज्ञान है जिसे सिर्फ आप मानते हैं

 

जीवन, बर्फ़ के बीच से उगती कुशा है

जीवन, बहकते पल में मिलती दिशा है

 

जीवन, प्रियेसी के हाथों का छूना है

जीवन, पान पर लगा कत्था चूना है

 

जीवन, रेत में पिघलता एक महल है

जीवन, इंसानी क़िताब की रहल है

 

जीवन, गले में अटकी एक मीठी हंसी है

जीवन, जान में लिपटी बड़ी लम्बी फंसी है

 

जीवन, दमदार हौंसलों से दौड़ती रवानी है

जीवन, मासूम बच्चों से बढ़ती कहानी है

 

जीवन, कभी ख़ामोश ना रहने वाली ख़ुशी है

जीवन, ‘निर्जन’ युद्ध है जहाँ योद्धा ही सुखी है

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