लेखक परिचय

मिलन सिन्हा

मिलन सिन्हा

स्वतंत्र लेखन अब तक धर्मयुग, दिनमान, कादम्बिनी, नवनीत, कहानीकार, समग्रता, जीवन साहित्य, अवकाश, हिंदी एक्सप्रेस, राष्ट्रधर्म, सरिता, मुक्त, स्वतंत्र भारत सुमन, अक्षर पर्व, योजना, नवभारत टाइम्स, हिन्दुस्तान, प्रभात खबर, जागरण, आज, प्रदीप, राष्ट्रदूत, नंदन सहित विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में अनेक रचनाएँ प्रकाशित ।

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modi and advaniकैसा है यह चलन

हर तरफ

जलन ही जलन

पद से बढ़ा रहें हैं

लोग

अपना अपना कद

हो रही है खूब आमद

और

खूब खुशामद

रहते हैं पूरा लक – दक

पद का ऐसा है मद

नहीं मानते आजकल

कोई भी हद

भले ही बीच में

क्यों न पिट जाए भद

ज्ञानी जन कहते हैं

पद को सर पर

न चढ़ने दें, वही अच्छा

समझे न जो इस सच को

समझ लें, समझदारी में

अभी भी हैं वह कच्चा

पद नहीं रहेगा जब

भ्रम टूटेगा तब ?

 

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