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तपस यागनिक

तपस यागनिक

स्वतंत्र वेब लेखक व ब्लॉगर

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तपस यागनिक

अभी पिछले सप्ताह अमेरिका की एक प्रसिद्द मैगजीन द्वारा मनमोहन सिंह के बारे में जो कुछ भी कहा गया उससे निश्चित तौर पर देश की काफी किरकिरी हुई . यूथ कांग्रेस जिसने बुद्धिमता का तमगा अपने सिर पर लगा रखा है उन्होंने एक अख़बार की प्रतिया जलाना शुरू कर दिया भाजपा के लिए ये घटना तो मानो सोने पर सुहागा हो गयी. हर जगह राहुल सोनिया और मनमोहन के बारे में अनाप शनाप बरगलाना शुरू हो गए. मनमोहन सिंह को हमेशा की तरह नपुंसक की उपाधि पकड़ा दी गयी थोडा हो हल्ला किया और गरिया कर अपना कलेजा शांत कर दिया. क्या कहेंगे इसे कि भाजपा ने मौके को अच्छी तरह भुनाया या लल्लू पूंजू बच्चो की तरह लोली पोप से खुश हो गए ???

राष्ट्रपति चुनाव — राष्ट्रपति देश का एक गौरवान्वित पद है. सभी पार्टिया चाहेंगी कि उनका उम्मीदवार इसके लिए चुनाव लड़े और जीते. मुझे समझ नही आता कि भाजपा क्या अपना एक उम्मीदवार भी खड़ा नही कर सकती ??? संगमा का समर्थन तो मन मसोसकर कर करना पड़ रहा है दुश्मन का दुश्मन अपना दोस्त कि तर्ज़ पर. सबसे पहले तो ये लोग कलाम कि माला जप रहे थे पर इन लोगो आपसी तालमेल कि कमी और अस्पष्ट नजरिये कि वजह से कलाम ने अपना नाम रेस से हटा लिया. अब इसे भाजपा का बुरा समय बोले या क्या कलाम साहब कि किताब में जो खुलासे हुए उसके बाद भाजपा के नेता कही मुह दिखाने के काबिल नही रह गए है. तो बात चल रही थी चुनाव कि कम से कम ममता दीदी ने हिम्मत करी और अपना पक्ष तो रखा. कांग्रेस ने तो उपराष्ट्रपति के लिए भी उम्मीदवार कि खोज शुरू कर दी है , ममता ने भी अपनी मानसिकता जाहिर कर दी है पर ये भाजपा कहा सो रही है पता नही ? अरे चुनाव जीतना तो दूर एक उम्मीदवार खड़ा नही कर सकते

कौन है असली नपुंसक ???

आपसी कलह — नरेन्द्र मोदी और संजय जोशी वाला कांड बहुत दिनों चला .. संजय जोशी कि विदाई के बाद कई दिनों तक पोस्टर वार चला. चलो एक बार मान भी लिया जाय कि जोशी कि विदाई मोदी के कारन ही हुई किन्तु उस पर मुहर तो गडकरी , सुषमा स्वराज और अडवानी कि तो लगी होगी !! तो जब ये पूरी लड़ाई चल रही है तो क्यों मोदी का बचाव नही कर रहे ? अगर सही में जोशी और मोदी के बीच अनबन है तो इन्ही लोगो को समझोता करना होगा और अगर ये पोस्टर बाजी किसी और के द्वारा हो रही है तो जोशी को खुद आगे आकर सफाई देनी चाहिए. पर इस मसले पर भी ढाक के तीन पात. सीखो कुछ कांग्रेस वालो से सलमान खुर्शीद ने राहुल के लिए बयान क्या दे दिया अगले दिन ही सफाई देनी पड़ गयी

कौन है असली नपुंसक ???

NDA — नितीश कुमार जो बिहार में भाजपा के बलबूते पर गद्दी पर बेठे है आये दिन भाजपा के नाक में दम करते है. अपने आपको प्रधानमंत्री पद के लिए आगे करना एवं सेकुलर का राग अलाप कर उन्होंने अपनी राजनीती तो चमका दी और तो और भाजपा के एक विधायक को अपनी पार्टी में मिला कर भाजपा को अपनी ओकात दिखा दी. NDA के दुसरे घटक शिवसेना ने भी राष्ट्रपति चुनाव में प्रणब का समर्थन किया है. अलबत्ता जयललिता फिर भी साथ में है पर NDA कि सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते भाजपा कि इतनी भी नही चलती कि अपने कथित प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार मोदी का बचाव कर सके ? कर्णाटक हो या राजस्थान भाजपा वाले आपस में ही लड़ रहे है और सुषमा गडकरी अडवाणी कि मंडली चुपचाप बेठी देख रही है

कौन है असली नपुंसक ???

कमजोर विपक्ष — UPA २ के कार्यकाल में जितने घोटाले हुए उतने आजतक नही हुए यदि मौके का फायदा उठाना भाजपा को आया होता तो कब के चुनाव हो गए होते . बेचारे अन्ना और बाबा राम भूखे मर कर भाजपा के हिस्से का काम कर रहे है . इसे भाजपा का निक्कम्मापन कहो या कायरता इतने बड़े देशव्यापी आन्दोलन को भी भुना नही सकी. टु जी घोटाले के पत्ते भी सुब्रह्मण्यम स्वामी ने खोले और अभी भी मन में सोचे बेठे है कि २०१४ तो हमारी झोली में है . मुंगेरीलाल भी ऐसे सपने नही देखता था

कौन है असली नपुंसक ??

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2 Comments on "कौन है असली नपुंसक ???"

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इक़बाल हिंदुस्तानी
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चिंता न करें कांग्रेस की जगेह थर्ड फ्रंट लेने जा रहा है, भाजपा देखती रहे मुंगेरी लाल के सपने देश प्रतीक्षा करने को तय्यार नही है,

Jatin Trivedi
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तापस, बहुत सही बात कही हे तुमने, आज्कल कोन्ग्रेस की सरकार चल हि इस्लिये रही हे क्युन्कि हमारे पास कोइ विकल्प नही हे. भाजपा, इतना कमजोर विकल्प हे कि कोइ उस तरफ देखना भी नहि चाहता. जब भी कोन्ग्रेस् से कोइ गलती होती हे, तो उसका फायदा लेने कि जगह, भाजपा वाले अपनी अन्तर कलह मे लग जाते हे, ओर जन साधारन का ध्यान उस गलत कदम की ओर से हट जाता हे. दुर्भाग्यवश हमारे आज के दोर कि ये सबसे बडी विड्म्बना हे….

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