लेखक परिचय

बीनू भटनागर

बीनू भटनागर

मनोविज्ञान में एमए की डिग्री हासिल करनेवाली व हिन्दी में रुचि रखने वाली बीनू जी ने रचनात्मक लेखन जीवन में बहुत देर से आरंभ किया, 52 वर्ष की उम्र के बाद कुछ पत्रिकाओं मे जैसे सरिता, गृहलक्ष्मी, जान्हवी और माधुरी सहित कुछ ग़ैर व्यवसायी पत्रिकाओं मे कई कवितायें और लेख प्रकाशित हो चुके हैं। लेखों के विषय सामाजिक, सांसकृतिक, मनोवैज्ञानिक, सामयिक, साहित्यिक धार्मिक, अंधविश्वास और आध्यात्मिकता से जुडे हैं।

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हम कसाव को बिरयानी,

खिलाते रहे-

पूरी न्यायिक प्रकिया के बाद,

लगाई फाँसी..

उन्होने सरबजीत को,

पीट पीट कर मार डाला,

मानवाधिकार,

की बात करने वाले,

सोते रहे।

आखिर क्यों ?

 

टाइम्स आफ इण्डिया ,

अमन की आशा

जगाते रहे,

अरनव गोस्वामी

न्यूज आवर मे

पाकिस्तानियों को,

पैनल पर लाकर

उनकी बकवास

सुनते सुनाते रहे।

आखिर क्यों ?

 

 

हमारे यहाँ, रमीस राजा,

वसीम अकरम

कमैन्ट्री सुनाते रहे,

आतिफ असलम

राहत फतेह अली ख़ाँ,

और न जाने कितने,

बौलीवड मे गागा कर,

रोटी रोज़ी कमाते रहे।

आखिर क्यों ?

 

उन्होने हमारे सैनिकों,

के सिर काटे,धड़ भेजे,

हम चुप रहे..

सलमान खुर्शीद,

उनके प्रधानमंत्री को

दावत खिलाते रहे।

आखिर क्यों ?

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8 Comments on "आखिर क्यों ?"

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आर. सिंह
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यह “आखिर क्यों ?” बहुत बड़ा प्रश्न है,पर इस “आखिर क्यों?” का उत्तर जम्मू में सनाउल्लाह पर हमला नहीं है.

BINU.BHATNAGAR
Guest

बिलकुल सही कहा।

गंगानन्द झा
Guest

जम्मू जेल में सनाउल्लाह के उपर बर्वर हमले ने बता दिया है कि भारतीय अपने पाकिस्तानी बिरादरों से भिन्न नहीं हैं।

गंगानन्द झा
Guest

बधाई हो, बीनूजी
हमने प्रमाणित कर दिया जम्मू में कि हम कम नहीं है। उनका सनाउल्लाह हमारा सरबजीत है।

mahendra gupta
Guest

क्योंकि हम ही बेवकूफ थे,हैं,जब तक प्रतिद्वंदी को बराबर का जवाब न दिया जाये,वह अपनी हरकतें करता ही रहेगा.सच्चाई को बयां करती ,हमारे नेताओं से सवाल पूछती अच्छी कविता

BINU BHATNAGAR
Guest

thanx

vijay nikore
Guest

सच्चाई से भरपूर सामयिक रचना के लिए बधाई, बीनू जी।
विजय निकोर

BINU BHATNAGAR
Guest

thanks

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