व्‍यंगचित्र/ वीरेन्‍द्र : स्‍पेक्‍ट्रम घोटाले की आंच अब सीधे पीएम तक

2 thoughts on “व्‍यंगचित्र/ वीरेन्‍द्र : स्‍पेक्‍ट्रम घोटाले की आंच अब सीधे पीएम तक

  1. वीरेंद्र जी की लाजवाब कल्पना

    किन्तु दुर्भाग्य इस देश का जहा मात्रभूमि के सौदागरों को सबसे ज्यादा सम्मान मिलता रहा है (जिसने भी भारत भूमि का सौदा विदेशियों से किया उसे सबसे ज्यादा सम्मान मिला है ) इस्सी का नतीजा है यह कल्पना चित्र .यह केवल कल्पना चित्र ही रहेगा सास्वत कभी नहीं होगा

  2. आज् कळ् धर्मी तॊ सभी है,
    पर् पवित्र कॊइ नहि,
    और् पापी …..ऎक् ऐस प्र्शन् चिन्ह जिसका उत्तर्
    मै क्या बात् कर् रहॆ हॊ,
    मै तॊ बिल्कुल् नहि…

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