विविधा

पराठे वाली गली का मजा लीजिए

दिल्ली का मुगलकालीन बाजार, यानी चांदनी चौक। यह इलाका चंद पेचिदां गलियों से घिरा एक बड़ा बाजार है। यहां की पराठे-वाली गली के क्या कहने हैं ! भई, जो भी गली में आया, इसका मुरीद बनकर रह गया..

तिरंगा फहराने के जिद की जीत: शिरीष खरे

छोटी-छोटी बातों से जिंदगी बनती है और छोटे-छोटे सिरों से कहानी. यह छोटी-सी कहानी भी एक छोटे-से सिरे से शुरू होती है. लेकिन सबको एक बड़े जज्बात से जोड़ती है.

भारतीय नववर्ष (चैत्र शुक्‍ल प्रतिपदा) पर विशेष

भारतवर्ष वह पावन भूमि है जिसने संपूर्ण ब्रह्माण्ड को अपने ज्ञान से आलोकित किया है। इसने जो ज्ञान का निदर्षन प्रस्तुत किया है वह केवल भारतवर्ष में ही नहीं अपितु संपूर्ण विश्‍व के कल्याण का पोषक है।

वर्तमान आर्थिक संकट अथवा सांस्कृतिक घुसपैठ

शीर्षक पढ़कर अजीब लग रहा हैं न!आप सोच रहे होंगे कि आर्थिक जगत की बातों का संस्कृति से क्या सम्बन्ध ? सच तो यही हैं कि भारतीय बाजार की आर्थिक मंदी वास्तव में…

इतिहास का सच — जयराम ‘विप्लव’

इतिहास को जानने की जरुरत है या नही ,ये मुद्दा हम अखबारी लोगों के बीचअक्सर बहस का विषय होता है। आए दिन किसी न किसी से तो इतिहास पढने और अतीत को जानने-समझने…

सभ्यता का संघर्ष कब तक …..

संसार के समस्त जीवधारियों का जीवन परस्पर संघर्ष की कहानी है। अपने आप को मौत से बचाते हुए अच्छी जिन्दगी की तलाश मेंपूरा जीवजगत आपसी टकरावों में उलझा रहा है।…

शब्द जो साथी है – ब्रजेश झा

अब जब हमारा वक्त कंप्यूटर पर ही टिप-टिपाते निकल जाता है। स्याही से हाथ नहीं रंगते, तो कई लोग इसे पूरा सही नहीं मानते। यकीनन, हाथ से लिखे को पढ़ने का अपना आनंद है।

गांधी की वस्तु की नीलामी पर न्यायालय ने लगाई रोक

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी से जुड़ी वस्तुओं की अमेरिका में होने वाली नीलामी पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को अंतरिम रोक लगा दी है।

बापू से प्रभावित थे मार्टिन लूथर

बापू अब अमेरिकियों को खूब भा रहा है। अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स ने एक ऐसा प्रस्ताव पारित किया है, जिसमें इस बात का जिक्र है कि आम नागरिकों के अधिकार की लड़ाई लड़ने वाले मार्टिन लूथर

एसएमएस से भावनाओं का इजहार करने में आगे हैं महिलाएं

अमेरिका के एक विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने पाया कि जब महिलाओं को किसी मेलजोल कार्यक्रम के दौरान मोबाइल के जरिए भावना का इजहार करने ..

बांग्लादेश में मिला रवींद्रनाथ का लिखा खत

बीसवीं सदी के प्रारंभ में नोबल पुरस्कार से सम्मानित विश्व विख्यात बांग्ला भाषी कवि रवींद्रनाथ ठाकुर का लिखा एक खत बांग्लादेश के बज्र देहाद में मिला है।

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद

भारतीय संस्कृति विश्व की प्राचीनतम समुन्नत संस्कृतियों में से एक है। इसकी सुदीर्घ परंपरा में अनेक मनीषी विद्वानों, मंत्र द्रष्टा ऋषियों तथा तत्ववेत्ता मुनियों के..