कई उपेक्षाओं को झेलकर मुकाम पा सकी विद्या बालन


-अनिल अनूप
विद्या बालन का जन्म 1 जनवरी 1978 को केरल में हुआ था। उनके पिता का नाम पी. आर बालन हैं जोकि डीजीकेबल के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसीडेंट हैं। उनकी माँ का नाम सरस्वती बालन है, जोकि एक ग्रहणी हैं। विद्या तमिल,मलयालम,हिंदी, और अंग्रेजी भाषा में पारंगत हैं। विद्या की एक बहन है-प्रिया बालन।
बॉलीवुड में विद्या अपने बेहतरीन अभिनय और अदायगी के लिए जानी जातीं हैं। विद्या का अब तक फ़िल्मी सफर बेहद सफल रहा है। उन्हें एक राष्ट्रीय पुरूस्कार और 5 बार फिल्मफेयर अवार्ड्स से भी सम्मानित किया जा चुका है।
विद्या का पूरा बचपन मुंबई में ही बीता है। उन्होंने अपनी शुरूआती पढ़ाई मुंबई के एंथोनी गर्ल्स स्कूल, चेम्बूर से की। और स्नातक की पढ़ाई मुंबई यूनिवर्सिटी से सम्पन्न की।
विद्या बालन की यूटीवी के सी.इ.ओ सिद्धार्थ रॉय कपूर से 14 दिसंबर 2012 को हुई।
विद्या को अपने शुरुआती फ़िल्मी करियर में कई उपेक्षाओं का सामना करना पड़ा। इतना ही नहीं उन्हें एक मलयालम निर्देशक ने अपशगुन तक कह दिया था। लेकिन विद्या ने हार नहीं मानी। इसके बाद विद्या ने कई टीवी कमर्शियल ऐड और टीवी सीरियल में काम किया।
विद्या ने कई म्यूजिक एल्बम/ विडियोज में सहायक भूमिकाओं में यूफोरिया (bands), सुभा मुदगल और पंकज उधास जैसे गायक और बैंड के साथ काम किया।
विद्या को उनके फिल्मीं करियर का पहला ब्रेक फिल्म परिणीति में मिला। फिल्म को समीक्षकों द्वारा बेहद सरहाना मिली, हालंकि फिल्म बॉक्सऑफिस पर असफल साबित हुई थी। लेकिन इस फिल्म में आलोचकों को विद्या का अभिनय बेहद  पसंद आया था। उन्हें इस फिल्म के शाइनिंग स्टार बॉलीवुड के पुरुस्कार से सम्मानित  भी किया गया।
विद्या की सर्वश्रेष्ठ फ़िल्में
पा, डर्टी पिक्चर, डेढ़ इश्किया, परणिता, भूल भुलैया, कहानी, नो वन किल्ल्ड जेसिका, हमारी अधूरी कहानी।
विद्या बालन ने कहा-आज मैं भले ही एक मुकाम पर हूं,लेकिन मेरी पहली सैलरी महज 500 रुपए थी। ये मुझे एक ऐड फिल्म के लिए मिली थी,उसे मैंने बैंक में जमा कर दिया था।-उसमें से 60 रुपए निकालकर मैंने बहन के लिए ज्वेलरी खरीदी थी।
हालांकि, शुरुआत में मैंने मेल-फीमेल सैलरी के बायसनेस को फील किया है।
पति सिद्धार्थ से चल रही अनबन की खबरों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा-मैं और सिद्धार्थ 2 साल रिलेशनशिप में थे,उसके बाद शादी की।
“हम सोशल साइटों पर अपनी फोटोज शेयर नहीं करते,एक-दूसरे के साथ ज्यादा नजर नहीं आते।
इसलिए लोगों को बोलने का मौका मिल जाता है।
मैं सिर्फ एक एक्टर बनना चाहती थी,शादी या लाइफ पार्टनर को लेकर मैंने कभी सोचा ही नहीं था।
शादी को 4 साल हो गए,लेकिन लगता है कल ही हुई हो। सिद्धार्थ ने मुझे उसी तरह से अपनाया है,जैसी मैं हूं।”
विद्या कहती हैं, बचपन से मुझे मीना कुमारी बहुत पसंद हैं।वो बहुत अच्छी शायरा थीं। उनके पर्सनल स्ट्रगल भी बहुत थे। उनकी आवाज में बहुत दर्द था।
“आज कल लोग सेक्स की बातें करते हैं, लेकिन उनकी अदा में सेनशुअलिटी थी।
डर्टी पिक्चर के बाद मुझे मीना जी की बायोपिक करने का ऑफर मिला था, लेकिन मैंने मना कर दिया।
क्योंकि उस समय मैंने सिल्क स्मिता की बायोपिक की थी और दूसरे के लिए तैयार नहीं थी।
मीना जी के अलावा मैं हिलेरी क्लिंटन से काफी इम्प्रेस हूं। इतने साल तक उन्होंने पब्लिक सर्विस किया।”
अपने फिगर के बारे में विद्या कहती हैं, मैं खुद को बहुत पसंद करती हूं।
मुझे लगता है मेरी बॉडी का जो स्ट्रक्चर है, वो मुझे सूट करता है।
हालांकि, मैंने स्लिम होने की काफी कोशिश की, लेकिन कुछ दिन में मेरी बॉडी दोबारा से उसी फिगर में आ जाती है।
मेरा मानना है कि खूबसूरत दिखने के लिए पतला होना जरूरी नहीं।
अखिलेश सरकार की पेंशन स्कीम की ब्रांड अम्बेसडर बनी अभिनेत्री विद्या बालन की साड़ी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. दरअसल प्राप्त जानकारी के मुताबिक अखिलेश सरकार की समाजवादी पेंशन योजना की ब्रांड अम्बेसडर विद्या बालन ने जिस रंग की साड़ी का उपयोग विज्ञापन के दौरान किया है. उसे लेकर विपक्षी पार्टियाँ एतराज कर रही हैं. विपक्षी पार्टियों का आरोप है की सरकारी विज्ञापन में विद्या बालन ने जिस साड़ी का उपयोग किया है.
उसमें समाजवादी पार्टी के रंग की छवि नजर आ रही है. विपक्ष का आरोप है कि सपा सरकारी पैसे से पार्टी का प्रचार कर रही है. इसको लेकर सीएम अखिलेश यादव ने कहा था कि सपा सरकार ने काम तो बहुत किये हैं लेकिन प्रचार करने में वह पीछे रह गई.

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